Essay On Independence Day In Hindi – स्वतंत्रतता दिवस पर निबंध

Essay On Independence Day In Hindi – स्वतंत्रतता दिवस पर निबंध

इस लेख में हमने essay on independence day बताया है. 15 August यानी हमारे भारत का “स्वतंत्रता दिवस.” इस दिन अथवा इस विषय में अक्शर स्कूल और पाढ़शाला में बच्चो को निबंध लिखने को कहा जाता है. हमारे देश के प्रति विद्याधार्थी के मन देशभक्ति जाग जाए और अपने देश के प्रति प्रेम उत्पन्न हो. इसीलिए हमेशा ऐसे उपक्रम आयोजित किये जाते है.

essay on independence day in Hindi

मित्रो! हमारे भारत में सिर्फ दो ही राष्ट्रिय तोह्यार मनाये जाते है. एक होता हे गणतंत्र दिवस और दुसरा स्वतंत्रता दिवस होता है. उनमेसे इस पोस्ट में independence day के ऊपर essay बताया गया है.

Essay On Independence Day In Hindi –

Independence day यानि वो दिन हे जब हम परकीय देश के जुल्मो से आज़ाद हुए थे. हर साल 15 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिन मनाया जाता है. क्योंकि, इसी दिन भारतीय नागरिको ने ब्रिटिश शाशन से अपने वतन को मुक्त किया था. हर साल भारत देश के प्रधानमंत्री दिल्ली में स्तिथ लाल किले से नागरिको को संम्बोंदित करते है. किले के प्राचीर पर खड़ा होकर भाषण देते है.

15 August सन 1947 को हमारा देश आज़ाद हुआ था. और इसी दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु जी ने आज़ादी पर भाषण दिया था. तबिसे इसी दिन देश के राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिन का आयोजन किया जाता है. लाल किले में हर साल दुसरे देश से कोई न कोई मुख्य अतिथि आते है. उनके सामने Red fourt के लाहौरी गेट पर तिरंगा लहराया जाता है. रोड पर परेड और शक्ति प्रदर्शन का आयोजन किया जाता है.

भारतीय नागरिक स्वतंत्रता दिवस को बड़े धूमधाम से मनाते है. लोग अपने घर और गाड़ी के ऊपर तिरंगा ध्वज लगाते है. उस दिन लोग देशभक्ति पर गाने सुनते है. अपने दोस्तों के साथ देशभक्ति पर फिल्मे  देखते है.

पंद्रह अगस्त को हर स्कुल, पाढ़शाला, कॉलेज और सरकारी दप्तर में ध्वजा रोहन का समारंभ आयोजित किया जाता है. कुछ स्कुलो में तो बच्चो का उस्ताह बढाने ने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है.

देखा जाये तो, भारत का इतिहास हजारो वर्षो पुराना है. हमेशा से ही हिंदुस्तान पर परकीयो ने आक्रमण और हुकुम चलाना का देखा. पर अग्रेजो ने मुघलो का साम्राज्य ख़त्म करकर हिंदुस्तान पर पूरी तरह कब्ज़ा कर लिया. खुदके देश का विकास करने के लिए अंग्रेजो ने भारत का पूरी तरह से शोषण किया और सारी संपत्ति को इंग्लैंड ले गए.

फिरंगियो के बढ़ते अत्याचार को रोखने के लिये बहुत सारे स्वतंत्र सेनानी को कड़ा संघर्ष करना पड़ा था. कुछ महापुरुषों ने तो अपने प्राण गवा दिए. परंतु आखिर में यानि पंद्रह अगस्त १९४७ को एक नए पर्व की शुरुवात हुयी. हमारा भारत एक “स्वतंत्र भारत” में बदल गया. तभीसे यह दिन इतिहास में सुवंर्ण अक्षरों से लिखा गया. एक ऐसी तारीख जिसे मिटाना असंभव है. जबतक धरती, सूरज  और चाँद इस दुनिया में है. तब-तक पंद्रह अगस्त यह तारीख और वीर जावानो के बलिदान को भूलना नामुंकिन है.

स्वतंत्रता और आज़ादी का मतलब क्या है? इसका जवाब यही होगा. किसी भी व्यक्ति से अन्याय और जुल्म नहीं सहना, किसी भी दबाव अथवा किसीके भी बंधन के बिना निसंकोच होकर अपनी जिंदगी जीना. अर्थात: जो मन करे वही करना. सदा खुदके, अपने परिवार, देश के भवितव्य के बारे में सोचना इसीको आज़ादी कहा जाता है.

आज हम एक अच्छी जिंदगी जी रहे है. अच्छी शिक्षा ले रहे है, अच्छा-अच्छा भोजन ले रहे है. यह सिर्फ इसीलिये हो रहा हे, क्योंकि आज हम और हमारा वतन आज़ाद है. पर ऐसे दिन देखने के लिए कही वर्षो का बलिदान और संघर्ष है.

वास्ताव में, सन १८५७ से लेकर १९४७ इस ९० वर्ष लंबे समय के बाद हम स्वतंत्र हुए थे. पर हमें यह स्वतंत्रता ऐसे ही नहीं मिली इसके पीछे अथक त्याग है. कित्येक जवान, महापुरुषों की कुर्बानी है. उनके बदोलत हमारा इंडिया आज़ाद हो सका. आने वाले पीढ़ी को इस त्याग का महत्व समझे और इतिहास के पन्नो को फिरसे उजागर करने के लिये इस दिन को स्वतंत्रतता दिवस कहकर मनाया जाता है.

15 August को इतिहास के यादे फिरसे तरोताजा होती है. उन यादो के वजह से हर नौजवान के मन में जुनून पैदा होता है. अपने देश पर मर-मिटने की इच्छा उत्पन्न होती है. भारत में इतने सारे प्रांत, भाषाये और हर जाती और धर्म के लोग रहते है. पर जभ भी वतन पर कोई बिकट परिस्तिथि आती है. तब सभी भारतीय एक हो जाते है. इसका सबसे बड़ा उदाहरन आज़ादी की लढाई ही है. आगे भविष्य में, भी यह एकता टिकी रही है. क्योंकि, हर साल स्वतंत्रतता दिवस मनाया जाता है. जो की हमें यह याद करके देता है. वतन के आगे कुछ भी नहीं ना धर्म, ना जात, ना पंत और खुद भी नहीं.

पंद्रह अगस्त सबके दिल में जोश भर देता है. वो इंसान चाहे छोटा बच्चा हो, नव जवान हो अथवा कोई बुढा व्यकी स्वतन्त्रता दिन सबके लिये एक महत्वपूर्ण दिन है. हम नौजवान इस दिवस को आगे भी जाके उतने ही सन्मान, उत्साह और जोश से मनायेंगे; जितने के सदियों से हम मानते आ रहे है.


Conclusion – 

तो चलिए मित्रो आजके लेख में हमने स्वतंत्रतता दिवस पर निबंध(essay on independence day in Hindi) देख लिया. में उम्मीद करता हूँ आपको पोस्ट में बताया हुआ essay काफी पसंद आया होगा. अगर आप इसे अपने मित्रो के साथ social media पर share करना चाहते है. तो जरुर शेयर कीजिये.

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

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