Internal Linking ke Top 5 Fayde – Internal link kya hai?

Internal Linking ke Top 5 Fayde – Internal link kya hai?

Internal linking ke fayadehello, दोस्तों में आज आपको internal linking के बारे में guide करूंगा. जो seo के लिये काफी important है. में आप को इस post में internal linking क्या है?  और internal linking के फायदे. इन सभी के बारे में guide करूंगा. जी देखिये सभी blogger का dream होता है. की, उसके सभी post search engine में rank करे. उसके भी blog का एक brand name बने. पर आजके competition के बारे में. तो अच्छे से वकिप होंगे. अगर आप सचमुच rank पाना चाहते है. तो internal linking करना  काफी जरुरी है.

new bloggers को internal linking के फायदे पता न होने के कारन उसे वो ignore कर देता है. और काफी सारे benefit को miss कर देते है. पर I am sure आप इस post को पढ़ने के बाद, आप कभी internal linking को कभी ignore नहीं करोगे.

Internal link क्या है?

सीधे शब्द में कहे, तो एक page में दूसरे page को link करना. इसे ही internal linking कहते है.

internal linking के फायदे:-

1) content seo & user friendly:- सबसे पहले फायदा, की interlink से seo friendly post बन जाती है. जिसके कारण, हमारी post high rank के लिये पात्र होती है. में, मेरे readers को एक बात हमेशा से कहता आ रहा हूँ. की google अपने user को उन्हें webpages show करता है. जो उनके लिये helpful हो. और content को helpful बनाने का, सबसे बड़ा तरीका है. interlink जिससे post seo friendly भी बन जाती है. और user friendly.

2) better crawling & index:– आज के नए blogger के सामने, यही बड़ी परेशानी है. की, उनकी post search engine में जल्दी index नहीं होती. आपके साथ भी ऐसी problem हो रही होगी. है ना? तो, दोस्तों blog post को जल्दी index करने के लिये, internal linking काफी जरूरी है.

3) increase your old post rank:- दोस्तों, सबसे बड़ा फायदा जो मेने खुद मेंरे blogging career में experience किया है. वो यह है. की, internal links से हमारे old post को link juice प्राप्त होता है. जिसके कारण, उनके ranking में सुधार होता है. और blogger तो यही चाहते है. ना! की हररोज उनका blog top पर आये.

4) increase blog traffic:- blog की traffic बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है. internal linking. क्योंकि, visitor एक post से दूसरे post पर चला जाता है. जिससे हमारे page views बढते है. और आसानी हम अपने blog की traffic बढ़ा सकते है.

5) reduce bounce rate:- seo में bounce rate भी काफी महत्वपूर्ण है. अगर visitor हमारे post पर आने के बाद, तुरंत वापस चले जाते है. तो हमारा bounce rate increase होता है. जिसके कारण हमारे pages की rank कम हो जाती है. better seo के लिये, bounce rate low ही रखना पड़ता है. और bounce rate कम करने का तरीका है internal linking. क्योंकि, visitor एक article से दूसरे article पर चला जाता है. जिसका मतलब साफ है. की वह हमारे blog पर समय व्यतित कर रहा है. जिसमे bounce rate maintain में रहता है.

Tips to link building:-

great seo के लिये, same category को ही linked करो. for example:- अगर आप seo के ऊपर article लिख रहे हो. तो same category की ही link ad करो.

linking का ज्यादा benefit लेना चाहते हो. तो anchor text का इस्तेमाल करो. anchor text यानि, आप जिस post को link करना चाहते है. उसका article में उल्लेख होना चहिये. वो similar text article में मौजूद होना चाहिये. नहीं तो कही ऐसे blogger है. जो read also , similar जैसे text इस्तेमाल करते है. हलाकि वह internal link हो जाता है. पर search engine anchor text को ज्यादा अहमियत देता है.

Little From Author:- तो finely, मेने आपको बता internal linking के बारे में बता दिया है. में उम्मीद करता हूँ. की, आपके लिये यह post काफी helpful लगी हो.

 

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

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