15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण – अगर आप अपने पाठशाला में पंद्रह अगस्त पर व्याख्यान देना चाहते है. तो इस लेख को पढिये. इस आर्टिकल शोर्ट शब्दों में बड़ा ही अच्छा, भाषण दिया गया है.

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

आज़ादी का दिन सचमुच हमारे लिये काफी महत्वपूर्ण होता है. बिलकुल किसी त्यौहार की तरह, वैसे भी हमारे देश में दो राष्ट्रिय त्योहार मनाये जाते है. एक होता है “गणतंत्र दिन” और दूसरा “स्वतंत्रता दिवस”. और दोनो ही पावन अवसर पर स्कूलो में बच्च्चो को स्पीच बोलने को बोला जाता है. इसीलिये अगर आप speech देना चाहते है. तो में आज इस आर्टिकल में आपको एक अच्छासा स्वतंत्रता दिवस पर भाषण बताऊंगा.

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

यहापर उपस्थित माननीय प्रमुख अथिती, आदरणीय अध्यापक गण एवं अभिभावकों और मेरे प्यारे बाल मित्रो आप सभी को सबसे पहले स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाये! आज हम यहाँ किस ख़ुशी में एकत्रित हुये है? यह किसीको भी बताने की जरुरत नहीं है. परंतु फिर भी गर्व के साथ कहना चाहूँगा. यहापर आज हम आज़ादी का जश्न मानाने यहाँ इक्कठे हुए है.

मित्रो! आज के दिन हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण, सुनेहरा और गौरवशाली दिन है. क्योंकि, आजके दिन यानी 15 अगस्त को हमारा देश स्वतंत्र हुआ था.

गुलामी क्या होती हे यह किसी पिजंरे में बंद पक्षी से पूछो, जंगल का राजा शेर किसी पिंजरे में बंद हो तो उसे पूछो. न त वे अपने मनमुताबिक आसमान में घूम सकते है. न नयी जगह की सांस ले सकते है. ठीक ऐसे ही अवस्था सन 1947 के पूर्व भारतीयों की हुयी थी. जब हमारे वतन पर फिरंगियो ने कब्ज़ा कर लिया था. नैसर्गिकता ब्रम्हांड के हर जिव-जंतु को स्वतंत्रता प्यारी है. परंतु, ब्रिटिशो ने भारतीयों की स्वतंत्रता ही छीन लि थी.

वो हमारे नागरिको पर तरह-तरह के अत्याचार करते थे. जानवरों की तरह दिन-रात काम करवाते थे वो भी बिना किसी मोबदले के. उल्टा उनको ब्रिटिश खाने के लिए भी तरसाते थे. अग्रेजों के बढ़ते अत्याचार और जुल्मो को रोकने के लिए सन १८५७ में हमारे नागरिको ने स्वतंत्र भारत का रणसंग्राम फूंक दिया.

आज़ादी के इस लढाई में बहोत सारे महापुरुषों ने अपना योगदान दिया. उनमे पंडित जवाहरलाल नेहरु, सुभाषचंद्र बोस, सुखदेव, भगतसिंग, लाला लजपत राय, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गाँधी, इत्यादि. महापुरुषों के नाम आते है. जिन्होंने देश को फिरंगियो से मुक्त करने के लिये अपनी कुर्बानी दी. उनके इस बलिदान के कारण वे इतिहास के पन्नो पर सदा के लिये अमर हो गए और स्वतंत्र सेनानी के नाम से पहचाने जाने लगे.

ब्रिटिशो की संख्या तो हमारे मुकाबले काफी कम थी. परंतु, उनके पास एक से बढ़कर एक आधुनिक हत्यार थे. जिसके कारण फिरंगियों से जितने के लिये हिन्दुस्तानियो को कडा संघर्ष करना पड़ा. लेकिन हमने सिर्फ युद्ध ही नहीं लड़े. महात्मा गाँधी जी के नेतृत्व में पद यात्रा, दांडी यात्रा और कुछ आंदोलने ने भी हुये थे. उसमेसे गाँधी जी का “भारत छोड़ो आंदोलन” ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी.

आखिर वो दिन आई ही गया. जब, स्वतंत्र सेनानी के अथक परिश्रक, कड़ा संघर्ष और आजादी के ख्वाब इस सभी के कारण ब्रिटिश शाशन को भारत छोड़ने पर मजबूर ही किया. वो तारीख 15 अगस्त 1947 थी जब लाखो नागरिको का सपना साकार हुआ. फिरंगियो के जुल्मो से भारत आज़ाद हो गया. इस सुनहरे तारीख को यादगार बनाने के लिए हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री श्री. पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने, राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले पर खड़े होकर भाषण दिया था.

नेहरु जी ने जब भाषण दिया था. तब चौदा और पन्द्रह अगस्त की मध्यरात्रि थी. उसी दिन से हम हर साल इसी दिन को स्वतंत्रता दिवस मनाते है. सचमुच यह दिन हम सभी भारतीयों के लिये एक गौरवशाली और प्रेरनादायी दिवस होता है. संघर्ष करने और अधिकार के लिए लढने की उर्जा देता है. आज हम खुली हवाएं और फिजाओ में चैन की सांस ले रहे है. इसका सब श्रेय उन स्वतंत्र सेनानी को जाता है. जिन्होंने अपने प्राणों की पर्वा न करते हुए देश के लिए अपना बलिदान दिया.

उन शहीदों को याद करते हुये में दो पंक्तिया सुनाकर अपने इस स्वतंत्रता दिवस पर भाषण को पूर्ण विराम लगता हूँ.

आज़ादी की कभी शाम नहीं होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी कभी नहीं भूलेंगे|
बची हो जो एक भी एक बूंद लहु की,
तबतक भारत माता के आँचल नीलाम नहीं होने देंगे|

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Conclusion – आजके आर्टिकल में आपको पंद्रह अगस्त के पावन अवसर पर स्वतंत्रता दिवस पर भाषण  बताया. में उम्मीद करता हूँ आपको यह स्पीच काफी पसंद आया होगा. अगर सचमुच यह लेख पसंद आया हो तो इसे सोशल मीडिया पर जरुर शेयर कीजियेगा.

 

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..