Computer in Hindi – कंप्यूटर की बेसिक जानकारी हिंदी में

Computer in Hindi – कंप्यूटर की बेसिक जानकारी हिंदी में

आज हम What is Computer in Hindi देखने वाले है. जिसमे computerक्या है? इसके बारे में बेसिक जानकारी लेने वाले है. आजके डिजिटल युग में शायद ही ऐसा कोई होगा जो कंप्यूटर के बारे में नहीं जानता होगा. हां! शायद आपको इसके बारे में ज्यादा पता नहीं होगा. लेकिन कम से आपने कंप्यूटर को देखा ही होगा.

What is computer in Hindi

अगर आप संगणक के बारे में और ज्यादा करीब से जानना चाहते है. तो यह आर्टिकल खास आपके लिए है. क्योंकि आज हम Inforamation about comter in Hindi यह जानने वाले है. जिसमे हम बेसिक इनफार्मेशन और यह कैसे काम करता है, History of Computer से लेकर टाइप्स, important parts और भी काफी रोमांचक जानकारी हासिल करेंगे.

 

दोस्तों! सोचो अगर संगणक नहीं होता तो क्या होता? दुनिया के 90% से भी ज्यादा काम करना मुश्किल होता. आज हम बड़े आसानी से  कहते है. की, “आज सभी काम online हुये है” पर compter का अविष्कार ही नहीं होता. तो वहा google और internet कहासे जन्म लेते. क्योंकि! आज कोई भी इंडस्ट्री या फिर डिपार्टमेंट कंप्यूटर के बिना काम ही नहीं कर सकता. इसीलिए आज हम इस बेहतरीन और अतुलनीय गैजेट के बारे में देखेंगे. तो चलिए ज्यादा समय न गवाते हुए जानते हे computer क्या है?

Computer in Hindi – कंप्यूटर क्या है?

अगर हम कंप्यूटर की परिभाषा(definition) को देखे तो, computer एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है. जो input एंड output के उपकरणों से मिलकर बना है. और यह हमारे दिए हुए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करके काम करता है. हम input उपकरणों के द्वारा इसे जो भी instruction देंगे. वह हमें आउटपुट के जरिये रिजल्ट्स देगा.

दुसरे शब्द में कहे. तो, कंप्यूटर एक मशीन है, जो इनपुट के सहारे आकड़ो(डाटा) को रिसीव करता है, फिर processor की मदत से उसपर प्रोसेस करता है, और दिए हुए सूचना के नुसार उस डाटा को स्टोर अथवा आउटपुट उपकरण जैसे: मोनिटर, साउंड के जरिये हमें दिखता है.

Meaning of computer in Hindi

Computer  यह नाम ग्रीक शब्द “compute” और लैटिन शब्द “computare” से आया है. compute का हिंदी अर्थ होता हे: गिनती, गणना  अथवा गणक , इसीलिए इसे संगणक भी कहते है. और जब संगणक बनाया जा रहा था. तब यही उद्देश था की, इस्से आकड़ो की गिनती की जाये. जिस्से हिसाब-किताब करने में आसानी हो जाये.

Computer इस शब्द का लॉन्ग फॉर्म: “Common Operating Machine Particularly Used for Technical, Education and Research

  • C – Common
  • O – Operating
  • M – Machine
  • P – Particularly
  • U – Used for
  • T – Technical,
  • E – Education &
  • R – Research

History of computer in Hindi

वैसे देखा जाए तो कंप्यूटर की सुरुवात ई.स. पूर्व अबेकस के रूप में हुयी थी. अबेकस यह उपकरण लकड़ी से बना होता है. उसके बिचमे समान अंतर पर मनिका लगाये होते है. उस मनिका को घुमाकर आसान गणित किया जाता था.

लेकिन, 1822 में चार्ल्स बैबेज नाम एक अँगरेज गणितज्ञ और आविष्कारक ने “डिफरेंशिअल इंजन” नामका सबसे पहला मैकेनिकल कंप्यूटर का आविष्कार किया था. इसीलिए Charles Babbage को फादर ऑफ़ कंप्यूटर कहा जाता है. लेकिन पैसे के वजह से वे इस खोज को जारी नहीं रख पाए.

Types of the computer in Hindi

computers को तीन आधार पर classify कीया गया है…

  1. Mechanism (कार्यप्रणाली) के बेसपर .
  2. Purpose(उद्देश) के आधारपर.
  3. Size (आकार) के आधारपर.

1.  Mechanism के बेसिस पर इन्हें फिरसे थ्री types में वर्गीकृत किया गया है.

  • Analog computer
  • Digital computer
  • Hybrid computer

2. Purpose के आधार पर इन्हें दो प्रकार में विभागा गया है.

  • Special Purpose
  •  General Purpose

3. Size यानि आकार के अधर पर हम संगणक को ५ श्रेणियों में बाँट सकते है.

  • Super computer
  • Main Frame computer
  • Mini computer
  • Micro computer
  • Desktop/personal computer

अभीतक हमने What is Computer के बारे में समझने की कोशिश की है. अभी हम कंप्यूटर के रिलेटेड टर्म्स के बारे में डिस्कशन करते है. जिनके बारे में हम अक्षर सुनते है. लेकिन उन कांसेप्ट के बारे में अच्छेसे क्लेयर नहीं होते.

1. Hardware & Software

  • Hardware: हार्डवेयर वो हिस्सा हे जिसे हम आखो से देख सकते है. अपने हातो से छु सकते है. उसे महसूस कर सकते है. जरुरत पड़ने पर उसे खोल भी सकते है. ऐसे चीजो को हार्डवेयर कहते है. उदाहरन के तोर पर: माउस, कीबोर्ड, साउंड, प्रिंटर, इत्यादि> यह सब हार्डवेयर के अंदर आता है. जिसे हम चो सकते है.
  • Software: हार्डवेयर के तुलना में सॉफ्टवेर की परिभाषा थोड़ी अलग है. सॉफ्टवेर वो होते है. जिसे हम आँखों से देख सकते है. लेकिन उसे स्पर्श यानी टच नहीं कर सकते. बहोत से लोग कहते की हम सॉफ्टवेर को देख नहीं सकते. लेकिन वो गलत है. में इसका example देता हूँ. अगर हम माइक्रोसॉफ्ट पेंट को ओपन करते है. तो हमें जो कलर लेना है उसे हम ऊपर के कलर्स सेक्शन में से सेलेक्ट कर लेते है. तो आप ही बताईये, हम सॉफ्टवेर को देख सकते है या नहीं. लेकिन यह बात 100 प्रतिशत सच है. की, हम software को छु नहीं सकते.

जरुर पढिये- basic parts of computer in Hindi

2. Computer Units

  1. Bit: यह computer unit में सबसे छोटी इकाई है. जिसके मदत से कंप्यूटर अपने Software और Hardware के बीच काम करता पाता है. यह 0 बाइनरी से लेकर 1 Binary पर काम करता है।
  2. Byte: एक बाइट 8 बिट्स से बनी मेमोरी की एक इकाई है.

3. Data

किसी भी वर्ग, इनफार्मेशन का समूह इसको ही डेटा कहते है. अभी हम रियल लाइफ के example देखते है. जैसे किसी गाव में कितने लोग आमिर है, कितने गरीब है, कितने लोग दुखी है, इत्यादि. ऐसे समूह को डेटा कहते है.

ठीक उसी प्रकार computer में store इनफार्मेशन, फोल्डर, फाइल्स, डाक्यूमेंट्स इन सबको डेटा कहते है. इसमें ऑडियो, विडियो, इमेजेज यह सारा भी आता है.

4. Memory in computer

कंप्यूटर में दो प्रकार की मेमोरी इस्तेमाल की जाती है.

  1. Primary Memory
  2. Secondary memory

1. प्राइमरी मेमोरी: इसे टेम्पररी मेमोरी भी कहते है. क्योंकि, यह टाइप तभी वर्क करता है. जब डेस्कटॉप ओन हो. जब हम PC को ऑफ करेंगे. इसका सारा डेटा भी इरेस हो जायेगा. प्राइमरी मेमरी को दो प्रकार में विभाजित किया गया है.

  1. RAM
  2. ROM
  • RAM: RAM का फुल फॉर्म होता है. Random Access Memory. यह एक अस्थ्याई रूप से डेटा को संग्रहित और रीड कर पाती है. RAM में संगृहीत डेटा आवशकता नुसार CPU द्वारा लिया जाता है. लेकिन जब हम सिस्टम को बंद करते है, अथवा अचानक बिजली चली जाती है. तो, रैम में स्टोर data भी इरेस हो जाता है.
  • ROM:  रोम का फुल फॉर्म है, Read Only memory यह एक स्थायी (permanent) रूप की मेमरी होती है. इसमें ऐसा डाटा स्टोर किया जाता है. जिसे हम देख सकते है. लेकिन, उसे इरेस अथवा डिलीट नहीं कर सकते. उदाहरन के लीये, जब हम computer खरीदते है. उसमे bios extension पहले से मौजूत होता है. हम उसे देख पाते है, लेकिन डिलीट नहीं कर सकते. इसीलिए इसे रीड ओनली मेमोरी कहा जाता है.

2. Secondary Memory: इसे permanent memory भी कहा जाता है. यह कंप्यूटर का भाग नहीं होता इसे अलग से जोड़ना पड़ता है. इसमे सेव किया गया डेटा permanent स्वरुप में होता है. इसमे स्तिथ फाइल सिस्टम बंद होने पर भी वैसे की वैसी रहती है. और अगर हम चाहे तो, तो इन फाइल को खोल सकते है. जरुरत के नुसार इसमे बदलाव भी कर सकते है. Secondary Storage Device को Auxiliary Storage Device के नाम से भी जाना जाता है. नीचे सेकंडरी स्टोरेज के कूछmple है.

5. Operating system

ऑपरेटिंग सिस्टम को system software और OS के नाम से भी जाना जाता है. एक ऑपरेटिंग सिस्टम में काफी सारे सॉफ्टवेरो का समुह संचालित की जाता है. इसके नाम में ही operate छूपा है. ऑपरेट का हिंदी अर्थ होता हे, चलाना. तो सिंपल operating सिस्टम यूजर और कंप्यूटर के बिच इंटरफ़ेस क्रिएट करता है. जिससे उपभोगकर्ता को संगणक को चलाने में आसानी हो जाती.

Conclusion

तो चलिए आज हमने What computer in hindi इस पोस्ट के जरिये, कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी ली है. यह बिलकुल बेसिक जानकारी थी. जो हर स्टूडेंट या व्यक्ति को पता होनी चाहिए. में उम्मीद करता हूँ आपको आजकी पोस्ट काफी अच्छी लगी हो. अगर सचमुच आर्टिकल अच्छा लगा हो. तो, थोडा समय निकालकर इसे शेयर करना मत भूलिए.

 

 

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

5 thoughts on “Computer in Hindi – कंप्यूटर की बेसिक जानकारी हिंदी में”

  1. Hello Rushikesh,
    hindi me jankari website banane ke lie shukriya, aasha karta hu is blog ke madad se humlogo ko bahut hi aage jakar nayi nayi milegi, apka maine pehle seo wala post padha tha wo mujhe bahut acha laga.

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