Top 3 Ganesh Aarti lyrics – गणेश जी की आरती – हिंदी में पढिये गणेश आरती

Top 3 Ganesh Aarti lyrics – गणेश जी की आरती – हिंदी में पढिये गणेश आरती

यहापर इस लेख में विनायक के पूजन के लिये गणेश आरती दी गयी है. गणपति बाप्पा को सभी पसंद करते है. हिंदू धर्म में उनको सभी देवतावो में प्रथम स्थान और पूजा में प्रथम मान दिया गया है. यही कारण हे जब भी हम कोई पूजा-पाठ करते है. तो इसीलिये हम  गणेश जी की आरती सबसे पहले लेते है. आपको इस आर्टिकल में ganesh aarti lyrics देने वाले है. ऊपर से यह सब hindi font में लिखा हे जिससे आपको बिलकुल परेशानी न हो.

गणेश आरती
गणेश आरती

वैसे विघ्नहर्ता को तो सभी हर समय पसंद करते है और पूजते है. परंतु, गणेश चतुर्थी का महत्व आम दिनों से बढ़कर होता है. गणपति बाप्पा हमारे घर खुसिया लेकर आते है. लेकिन विनायक को विसर्जित करते समय हर किसी के आँखों में पानी आता है. खेर आप १० दिनों तक लंबोदर को पूजना चाहते है न. तो नीचे दिये हुये Top 3 गणेश आरती में से एक का सुबह-शाम पढन कीजिये.

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Top 3 Ganesh Aarti With lyrics – गणेशआरती

गणेश आरती (1) जय गणेश जय गणेश देवा… 

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अन्धे को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ।।

‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

गणेश आरती (2) शेंदूर लाल चढायो अच्छा गजमुखको…

शेंदूर लाल चढायो अच्छा गजमुखको ||
दोंदिल लाल बिराजे सूत गौरीहरको ||
हाथ लिए गुड-लड्डू साईं सुरवरको ||
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पदको || 1 ||

जय जय श्री गणराज विध्यासुखदाता ||
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ||

अष्टो सिद्धि दासी संकटको बैरी ||
विघनाविनाशन मंगल मूरत अधिकारी ||
कोटि सूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी ||
गंड-स्थल मदमस्तक झूले शाशिहारी || 2 ||

जय जय श्री गणराज विध्यासुखदाता ||
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ||

भावभगत से कोई शरणागत आवे ||
संतति सम्पति सभी भरपूर पावे ||
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ||
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे || 3 ||

जय जय श्री गणराज विध्यासुखदाता ||
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ||

गणेश आरती (3) सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची…

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची|
नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची|
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची|
कंठी झरके माल मुक्ताफळाची || १ ||

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती|
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती||
रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा|
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा|
हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा|
रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया || 2 ||

लंबोदर पितांबर फनी वरवंदना|
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना|
दास रामाचा वाट पाहे सदना|
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवंदना|
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती|
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती || ३ ||

लेख की ओर से – इस प्रकार आजके आर्टिकल में मैंने आपको गणेश आरती को देखा है. में उम्मीद करता हूँ यह लेख आपको पसंद आया होगा. मित्रो अगर आप इसीतरह से कुछ न कुछ हेल्पफुल पढना पसंद करते है. तो हमें facebook page पर follow करना मत भूलिये.

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

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