इंटरनेट क्या है और कैसे काम करता है?

क्या आप Internet क्या होता है? इसके बारे में जानते है. इंटरनेट को हिंदी भाषा में “अंतर-जाल” कहा जाता है, जिसने पुरे विश्व के network को आपस में कनेक्ट कर दिया है. इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के किसी भी इनफार्मेशन और सामग्री का आदान प्रदान कर सकते है.

Internet kya hai
Internet

इंसान अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा समय इंटरनेट को ही देता है. इस अतुल्य खोज के बारे में ज्यादा करीब से जानने के लिए आज हम internet in Hindi के बारे में विस्तार से जानेंगे.

आज इंसान, रिश्तेदारों और मित्रों के बिना रह सकता है. लेकिन, Internet को अपने आप से दूर नहीं कर सकता. अक्सर लोग कहते है. की, “आज-कल के बच्चे मोबाइल के बिना बिलकुल ही नहीं रह सकते.” लेकिन, यह बात बिलकुल गलत है. क्योंकि, अगर internet ही नहीं होगा. तो बच्चे सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं रहेंगे. नहीं YouTube और Google इस्तेमाल करेंगे. संदर्भ यही निकलता है. की घंटो तक मोबाइल हात में रहता है  इसका कारण केवल और केवल internet ही है.

Internet क्या है ?

इंटरनेट दुनिया का एक विशाल नेटवर्क है जिसने वर्ल्ड वाइल्ड के कंप्यूटर सिस्टम्स को आपस में जोड़ा(connect) किया है. आसान भाषा में – इंटरनेट पुरे नेटवर्क्स का एक नेटवर्क के जिसकी सहायता से एक जगह से दूसरे जगह पर सामग्री(data) को आदान-प्रदान किया सकता है.

Internet एक दूसरे से जुड़े हुए कही computers का जाल(connection/connectivity) है. Net दुनिया का सबसे व्यस्त network है. इस नेटवर्क में एक कंप्यूटर के जरिये दूसरे कंप्यूटर मे Information आदान-प्रदान करने के लिये Router और Server काम करता है. राऊटर और सर्वर यही दो अहम टर्म्स है, जो एक-दूसरे संगणक को आपस में जुड़े रखती है.

जब कोई message एक संगणक से दुसरे संगणक में जाता है. तब TCP/IP protocol का उपयोग किया जाता है.

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इंटरनेट का मालिक कोण है?

बहुत से लोगो को यह सवाल पड़ता है. की, “इंटरनेट का मालिक कोण है?” और यह सवाल हमें तभी पड़ता है. जब हम अपने sim में internet pack या फिर data pack का रिचार्ज करते है. चाहे हम किसी भी network की सिम इस्तेमाल करते है. चाहे वो Vodafone हो Jio, Airtel या फिर अन्य कोई भी network provider है. रिचार्ज करने के बाद, हमें यह सवाल पड़ता है. की मैंने तो इनको पैसे दे दिए. पैकेज के अनुसार मुझे डेटा भी मिल गया. लेकिन ये कंपनियां इस पैसे का क्या करती होगी? किसी को देती होगी क्या आगे भी कोई बड़ी organisation है? ऐसे कई और सवाल इंसान के मन में आते रहते है.

मित्रों इंटरनेट का मालिक कोण है?  यह जानने से पहले हमें इंटरनेट कैसे काम करता है? इसे समझना होगा. For example, अभी आप jankaribook.com पर यह आर्टिकल अपने घरसे मोबाइल अथवा कंप्यूटर से पढ़ रहे है. लेकिन वास्तव में यह वेबसाइट आप के घर से हजारों किलोमीटर दूर किसी सर्वर में होस्ट की गयी है. इस वेबसाइट का डेटा बंगलौर के server में होस्ट है. पर फिर भी आपके device और server के बिच connection सत्यापित किया जाता है. जिस कारण आप दुनिया में कही से भी किसी भी साइट access कर पाते है.

मित्रो यह सिर्फ आपके डिवाइस और सर्वर के कनेक्शन की बात नहीं है. इस कनेक्शन के पीछे हजारो लोगो और कही कंपनी और तकनीक का योगदान है. जैसे India में Airtel, Jio, idea आदि telecom कंपनियां ने अपना network फैला दिया है. परंतु, हम other countries के साइट को कैसे access कर पाते है. इसके लिए भी बाकी के organisation है. इन लोगो ने खुद का पैसा लगाकर समुद्र के रास्ते से cables फैलाई दी है. जिससे दो देशों के बिच net connection जुड़ गया. इन सबके बिच भी काफी ISP(Internet Service Providers) है.

साफ-साफ शब्द में जवाब दे तो इंटरनेट का मूल रूप से कोई भी मालिक नहीं है. क्योंकि यह सुविधा उपलब्ध करने के लिए काफी सारे लोग और companies का योगदान है. हर कोई user एंड provider नेट का मालिक है. परंतु, इंटरनेट की क्रांति अमेरिका में हुयी थी. उपरसे amazon, google जैसे बड़े-बड़े नाम USA से जुड़े हुए है. जिससे इंटरनेट पर अमेरिका का दब-दबा है. ऐसा कहना  गलत नहीं होगा.

इंटरनेट का इतिहास

  • सन १९६९ tim berners lee ने इन्टरनेट बनाया था.
  • उसी साल में (सन १९६९) में एक दूसरे को गोपनीय संदेश भेजने के लिये, अमेरिका रक्षा विभाग के द्वारा इंटरनेट की रचना की गयी.
  • आगे चल के सन १९७९ में ब्रिटिश डाक घर ने पहला computer network बनाकर एक नए प्राद्योगिक युग की शुरुवात की.
  • 1989 में टिम बेर्नर ली ने इंटरनेट पर चल रहे संचार को सरल और आसान बनाने के लिए browser, web page and hyper link की मदद से word wide web बनाया.
  • टिम बेर्नर ली को father of WWW भी कहा जाता है.

भारत में इंटरनेट की शुरुवात

भारत में सबसे पहले साल 15 August 1995 में Videsh Sanchar Nigam Limited(VSNL) के द्वारा सार्वजनिक रूप से internet service की शुरुवात की गयी.

  • 1986 में ERNET(Educational research Network) के launch के साथ भारत में इंटरनेट की शुरुवात हुयी थी. लेकिन यह सुविधा सिर्फ educational and research community को थी.
  • 1995 में VSNL के द्वारा इस internet service को सार्वजनिक रूप से launch किया गया.
  • 1996 में पहली भारत में पहली ईमेल साइट बनी जिसका नाम Rediffmail रखा था.
  • अगर नेट कैफ़े की बात करे तो 1996 में मुंबई का सबसे पहला net cafe खोला गया.
  • 1997 में naukari.com नाम की साइट बनायीं गयी. जिसकी popularity के बारे में तो आप जानते ही होंगे.
  • 2000 के दशक में Amazon india, MSN, Yahoo जैसे बड़े वेबसाइट की शुरुवात हुयी.
  • भारतीय रेल विभाग की और से 2001 में irctc.in नाम की online train website को जारी किया गया.

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इंटरनेट के फायदे

  • Use of internet आमतौर पर मनोरंजन के लिए किये जाता है. जैसे online movies देखना, gaming, music download करना आदि activities किये जा सकते है.
  • सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, official और important work भी किये जा सकते है. For ex. – ईमेल भेजना, ईमेल में कोई जरुरी डॉक्यूमेंट attach करके किसीको send करना.
  • अगर हमें कोई data safely स्टोर करके रखनी है. तो हम internet की मदद से Google drive जैसे tool में अपने data सेव कर सकते है. भविष्य में जब चाहे उस फाइल को download कर सकते है.
  • दुनिया के किसी भी फाइल को download या upload कर सकते है.
  • हमें किसी भी topic पर information चाहिये या फिर हमें उसके बारे में जानना है. तो google search engine से कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते है.
  • पहले अगर किसी परीक्षा का निकाल देखना होता हो, तो उस परीक्षा केंद्र में जाना पड़ता था. लेकिन अब internet के सहायता से हम किसी भी बड़े exam का result online देख सकते है.
  • किसी चीज का registration या फिर booking करनी हो. तो हम घर से ही अपने mobile और computer की मदद से train ticket, movie ticket, इवेंट टिकट आदि बुक कर सकते है.
  • computer और internet का अच्छा knowledge हे, तो हम घरसे ही Aadhar card update करना, voter id निकलना, pan card बनाना, इत्यादि. सरकारी काम भी कर सकते है.
  • यहातक की हम online banking की मदद से bank के सारे काम घर बैठे ही कर सकते है. जिससे समय की बचत भी होती है. नहीं तो घंटो तक line में खड़ा होना पड़ता है.
  • हमें shopping करनी है. तो हम E-commerce वेबसाइट की सहायता से ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते है.
  • पैसे के अभाव से coaching class लगाना मुश्किल है. तो हम YouTube की हेल्प से जो पढना चाहते है. वो घर पर ही पढ़ सकते है.
  • Social media platform पर हम हमारे सारे मित्रों से contact कर सकते है. इसके लिए Facebook और whats app काफी अच्छे platform है. इनपर हम text message से लेकर video calling भी कर सकते है.
  • World में क्या चल रहा है. इसके साथ अपडेट रहना है. तो हम नेट पर न्यूज़ पढ़ सकते है.

इंटरनेट के नुकसान

  • किसी ने कहा है  internet समुंदर की तरह है. अगर इसमे डूब जाये तो निकलना मुश्किल है. मतलब इंटरनेट पर क्या देखना है. ये हम पर निर्भर करता है. ऐसे ही कुछ भी देखने लगे तो समय की बर्बादी हो सकती है.
  • Net पर अगर कोई भी video share करे. तो कभी जल्दी वायरल हो जाते है. इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता की, वीडियो अच्छा भी हे या बुरा.
  • ज्यादा इंटरनेट पर active रहने से इसकी लत लग जाती है. जिसका दुष्परिणाम यह होता की, हम हमारे काम और पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं पाते.
  • इच्छा न होने के बावजूद, किसी का भी इमेज share हो सकता है.
  • सोशल मीडिया पर कोई भी कुछ भी पोस्ट कर सकता है. तो अगर कोई किसी के बारे में कुछ गलत लिखता है. तो कुछ क्षणों में वह पोस्ट बहुत सारे लोगो तक पहुँच सकती है.
  • Internet पर काफी सारे पोर्नोग्राफी वेबसाइटस  है, जिसमें काफी अश्लिष fotos और वीडियो होते है. जिससे समाज में अश्लिषता फ़ैल जाती है. खास तोर पर ऐसे वेबसाइट के कारण बच्चों पर काफी बुरा असर पड़ता है.
  • नेट पर काफी सारे क्विज़ साइट्स होती है. जो लोगो को कुछ सवाल पुछती हे और लोगो से पर्सनल डेटा चुरा लेती है.
  • Internet की वजह से कंप्यूटर में वायरस आ जाता है. जिसके कारण, हमारा system hang अथवा slow हो जाता है.
  • अगर हम इंटरनेट पर online shopping या फिर ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते है. तो हमारे bank, debit और credit card की details hackers चुरा सकते है.

इंटरनेट कनेक्शन के विविध प्रकार

अभी हम  Internet connection के कुछ प्रकार  देखते है.

  • Dial-Up – Dial-Up कनेक्शन काफी चीप होता है. पर स्पीड के मामले में काफी slow है. इसे हम personal और home use कर सकते है. इस प्रकार के उदाहरण दे तो modem और data card etc. आते है. इस उपकरण को computer में usb slot द्वारा connect किया जाता है. फिर computer network से dial करता है फिर नेट कनेक्शन स्थापित होता है. बार-बार नेटवर्किंग में बदलाव होते रहते है. जिसके कारण, स्पीड में काफी बदलाव होते रहते है. आमतौर पर इसकी speed 28kb से लेकर 56kb तक होती है. पर यह depend करता है. की, आपका network provider कोण हे और आपके area में range कैसी है.
  • DSL – DSL का लॉन्ग फॉर्म “Digital Subscriber Line” है. इस प्रकार में, 2 lines का इस्तेमाल किया जाता है. जिस वजह से नेट कंप्यूटर में कनेक्ट होने पर, फ़ोन बंद नहीं होता. ऊपर से डायलअप की तरह कनेक्ट करने पर  डिवाइस को फ़ोन नंबर डायल नहीं करना पड़ता. DSL range और data को transport करने के लिये, router का इस्तेमाल करता है. Plan एंड service के हिसाब स्पीड 128kb से लेकर 10mbps रहती है.
  • Wireless – वायरलेस के केटेगरी में wi-fi आता है. नाम से ही पता चलता है. इस की, इस connectivity में कोई भी wire और cable का इस्तेमाल नहीं किया होता. Wi-Fi से कोई भी device कनेक्ट किया जा सकता है. यह range देने के लिए radio frequency तकनीक का इस्तेमाल करते है.
  • Satellite – satellite पृथ्वी के कक्षा में स्थित उपग्रह से internet लेता है. Signal पृथ्वी से sattellite तक आने के लिए काफी विशाल अंतर है. इसिकारण, यह प्रकार DSL और cable के तुलना में देरी से कनेक्शन प्रदान करती है.
  • Cellular – Cellular टेक्नोलॉजी cell phones के through वायरलेस इंटरनेट provide करती है. Network provider के ऊपर depend करता हे, की स्पीड कितनी होगी. Mostly आज 3G और 4G के users है. 3G यानि 3rd generation और 4G यानि 4rth generation होता है.

निष्कर्ष – आज के आर्टिकल में हमने देखा, इंटरनेट क्या है? I hope हमेशा की तरह आपको आजका लेख पसंद आया होगा. अगर सचमुच पसंद आया है. तो अपने मित्रो के साथ Facebook और whats app पर share करना मत भूलिए.

12 thoughts on “इंटरनेट क्या है और कैसे काम करता है?”

  1. hello sir moz me aapki site par spam scroe 4/17 hai kya yah reader ke liye sahi hai ya moz galt report dekhata hai.

  2. bahut hi badiya jaankari di hai aapne internet ke bare me
    sir. mujhe ye janana hai naya blog banane ke baad kitne visitor perday aane lage tab adsense ke liye apply kare

    • Aisa koi rule nahi hai. Ki aap itane visitor hone ke baad hi adsense ke liye apply kariye. Agar aapke site par 30-40 quality content hai. Aur important pages add kiye huye hai. To aap adsense ke liye apply kar sakate ho.

  3. बहुत ही बेहतरिन कंटेंट सर!
    I hope सबको इसके बारे में easily समझ आ गया होगा।
    Best of luck for your next goal.

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