इंटरनेट क्या है और Definition Of Internet in Hindi

इंटरनेट क्या है और Definition Of Internet in Hindi

आज हम  Internet क्या है और Definition Of Internet in Hindi यह जानेंगे. क्या आप Internet क्या होता है? इसके बारे में जानते है. अगर नहीं तो कोई बात नहीं आज हम इसी के बारे में चर्चा करेंगे. हम रोजाना नेट का इस्तेमाल करते है. साथ ही हर महीने हजार रुपये तक डेटा use करते है. हमें इसके बारे में जानकारी होना जरुरी है. अगर इंसान की day toady life को देखे. तो हमे यह पता चलता है. इंसान अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा समय इंटरनेट को ही देता है. इस अतुल्य खोज के बारे में ज्यादा करीब से जानने के लिए आज हम internet in Hindi पढेंगे.

इंटरनेट क्या है -Definition Of Internet

 

आज इंसान, रिश्तेदारों और मित्रो के बिना रह सकता है. लेकिन, Internet को अपने आप से दूर नहीं कर सकता. अक्सर लोग कहते है. की, “आज-कल के बच्चे मोबाइल के बिना बिलकुल ही नहीं रह सकते.” लेकिन, यह बात बिलकुल गलत है. Indirectly नजरिये से सोचे तो उनकी बात भी सही है. लेकिन, अगर internet ही नहीं होगा. तो बच्चे सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं रहेंगे. नहीं youtube और Google use करेंगे. संदर्भ यही निकलता है. की घंटोतक मोबाइल हात में रहता है. इसका कारण केवल और केवल internet ही है.

Internet क्या है ?

वैसे internet का कोई फुल फॉर्म नहीं है. लेकिन इसे internal network कहा जा सकता है. हिंदी भाषा में इसे अंतरजाल कहा जाता है. यह दुनिया का सबसे विशाल नेटवर्क है. जिसके मदत से दुनिया के हजारो computer एक दुसरे से जोड़े जाते है.

Internet एक दुसरे से जुड़े हुए कही computers का जाल(connection/connectivity) है. Net दुनिया का सबसे व्यस्त network है. इस नेटवर्क में एक कंप्यूटर के जरिये दुसरे कंप्यूटर मे Information अदान-प्रदान करने के लिये Router और Server काम करता है. राऊटर और सर्वर यही दो अहम् टर्म्स है, जो एक-दुसरे संगणक को आपस में जुड़े रखती है.

जब कोई message एक संगणक से दुसरे संगणक में जाता है. तब TCP/IP protocol का उपयोग किया जाता है.

Internet का इतिहास (History)

तो चलिए मित्रो! अब जान लेते इंटरनेट का इतिहास ऐसे महाजाल की history जिसने मानवी जीवन का तरीका ही बदल दिया.

  • सन १९६९ tim berners lee ने इन्टरनेट बनाया था.
  • उसी साल में (सन १९६९) में एक दुसरे को गोपनीय संदेश भेजने के लिये, अमेरिका रक्षा विभाग के द्वारा इंटरनेट की रचना की गयी.
  • आगे चलके सन १९७९ में ब्रिटिश डाकघर ने पहला computer network बनाकर एक नए प्रद्योगिक युग की शुरुवात की.
  • 1989 में टिम बेर्नर ली ने इंटरनेट पर चल रहे संचार को सरल और आसन बनाने के लिए browser, webpage and hyper link की मदत से word wide web बनाया.
  • टिम बेर्नर ली को father of www भी कहा जाता है.

India भारत में इंटरनेट की शुरुवात 

भारत में सबसे पहले साल 15 August 1995 में Videsh Sanchar Nigam Limited(VSNL) के द्वारा internet service की शुरुवात की गयी.

  • 1986 में ERNET(Educational research Network) के launch के साथ भारत में इंटरनेट की शुरुवात हुयी थी. लेकिन यह सुविधा सिर्फ eduacational and research community को थी.
  • 1695 में VSNL के द्वारा इस service को publically launch किया गया.
  • 1996 में पहली भारत में पहली ईमेल साईट बनी जिसका नाम Rediffmail रखा था.
  • अगर नेट कैफ़े की बात करे तो 1996 में मुंबई का सबसे पहला net cafe खो गया.
  • 1997 में naukari.com नाम की साईट बनायीं गयी. जिसकी popularity के बारे में तो आप जानते ही होंगे.
  • 2000 के दशक में Amazon india, MSN, Yahoo जैसे बड़े वेबसाइट की शुरुवात हुयी.
  • भारतीय रेल विभाग की और से 2001 में irctc.in नाम की online train website को जरी किया गया.

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 इंटरनेट के फायदे

  • Use of internet आमतोर पर मनोरंजन के लिए किये जाता है. जैसेः online movies देखना, gaming, music download करना आदि activities किये जा सकते है.
  • सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, official और important work भी किये जा सकते है. For ex. – ईमेल भेंजना, ईमेल में कोई जरुरी डॉक्यूमेंट attach करके किसीको send करना.
  • अगर हमें कोई data safely स्टोर करके रखनी है. तो हम inrternet की मदत से Google drive जैसे tool में अपने data सेव कर सकते है. भविष्य में जब चाहे उस फाइल्स को download कर सकते है.
  • दुनिया के किसी भी फाइल को download या upload कर सकते है.
  • हमें किसी भी topic पर information चाहिये या फिर हमें उसके बारे में जानना है. तो google search engine से कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते है.
  • पहले अगर किसी परिक्षा का निकाल देखना होता हो, तो उस परीक्षा केंद्र में जाना पड़ता था. लेकिन अब internet के फायदे से हम किसी भी बड़े exam का result online देख सकते है.
  • किसी चीज का registration या फिर booking करनी हो. तो हम घरसे ही अपने mobile और computer की मदत से train ticket, movie ticket, इवेंट टिकेट आदि बुक कर सकते है.
  • computer और internet का अच्छा knowlegde हे, तो हम घरसे ही Adhar card update करना, voter id निकलना, pan card बनाना, इत्यादि. सरकारी काम भी कर सकते है.
  • यहातक की हम online banking की मदत से bank के सारे काम घर्बैठे ही कर सकते है. जिससे समय की बचत भी होती है. नहीं घंटो तक line में खड़ा होना पड़ता है.
  • हमें shopping करनि है. तो हम E-commerse वेबसाइट की मदत से ऑनलाइन शौपिंग कर सकते है.
  • पैसे के आभाव से coaching class लगाना मुश्किल है. तो हम youtube की मदत से जो पढना चाहते है. वो घरपर ही पढ़ सकते है.
  • Social media platform पर हम हमारे सारे मित्रो से contact कर सकते है. इसके लिए Facebook और whats app काफी अच्छे platform है. इनपर हम text massege से लेकर video calling भी कर सकते है.
  • World में क्या चल रहा है. इसके साथ अपडेट रहना है. तो हम नेट पर न्यूज़ पढ़ सकते है.

इंटरनेट के नुकसान

  • किसी ने कहा है  internet समुंदर की तरह है. अगर इसमे डूब जाये तो निकलना मुश्किल है. मतलब इंटरनेट पर क्या देखना है. ये हम पर निर्भर करता है. ऐसे ही कूच भी देखने लगे तो समय की बर्बादी हो सकती है.
  • Net पर अगर कोई भी video share करे. तो कभी जल्दी वायरल हो जाते है. इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता की, विडियो अच्छा भी हे या बुरा.
  • ज्यादा इन्टरनेट पर active रहने से इसकी लत लग जाती है. जिसका दुष्परिणाम यह होता की, हम हमारे काम और पढाई पर ज्यादा ध्यान नहीं पाते.
  • इच्छा न होने के बावजूद, किसी का भी इमेज share हो सकता है.
  • सोशल मीडिया पर कोई भी कुछ भी पोस्ट कर सकता है. तो अगर कोई किसी के बारे में कुछ गलत लिखता है. तो कुछ क्षणों में वह पोस्ट बहुत सारे लोगोतक पहुँच सकती है.
  • Internet पर काफी सारे पोर्नोग्राफी साइट्स है, जिसमें काफी अश्लिष fotos और वीडियोस होते है. जिससे समाज में अश्लिषता फ़ैल जाती है. खास तोर पर ऐसे वेबसाइट के कारण बच्चो पर काफी बुरा असर पड़ता है.
  • नेट पर काफी सारे क्विज साइट्स होती है. जो लोगो को कुछ सवाल पुछती हे और लोगो से पर्सनल डेटा चुरा लेती है.
  • Internet की वजह से कंप्यूटर में वायरस आ जाता है. जिसके कारण, हमारा system hang अथवा slow हो जाता है.
  • अगर हम इन्टरनेट पर online shopping या फिर ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते है. तो हमारे bank, debit और credit card की details hackers चुरा सकते है.

Types of the Internet connection in Hindi(इंटरनेट कनेक्शन के विविध प्रकार)

मार्केट में कही सारे तरीके हे और electric devices है. जिनके जरिये internet connection चलाया जा सकता है. ऐसे सारे उपकरण अलग-अलग तरीकेसे बनाये जाते है. एक-एक उपकरणों में different-different hardware इस्तेमाल किया जाता है. जिसकारण सबकी range और speed सिमित होती है. तो चलिये, अभी हम  Internet connection के प्रकार  देखते है.

  • Dial-Up – Dial-Up कनेक्शन काफी चीप होता है. पर स्पीड के मामले में काफी slow है. इसे हम personal और home use कर सकते है. इस प्रकार के उदाहरन दे तो modem और data card etc. आते है. इस उपकरण को computer में usb slot द्वारा connect किया जाता है. फिर computer network से dial करता है. फिर नेट कनेक्शन स्थापित होता है. बार-बार नेटवर्किंग में बदलाव होते रहते है. जिसके कारण, स्पीड में काफी बदलाव होते रहते है. आमतोर पर इसकी speed 28kb से लेकर 56kb तक होती है. पर यह depend करता है. की, आपका network provider कोण हे और आपके area में range कैसे है.
  • DSL – DSL का लॉन्ग फॉर्म “Digital Subscriber Line” है. इस प्रकार में, 2 lines का इस्तेमाल किया जाता है. जिस वजह से नेट कंप्यूटर में कनेक्ट होने पर, फ़ोन बंद नहीं होता. ऊपर से डायलअप की तरह कनेक्ट करने के फ़ोन नंबर डायल नहीं करना पड़ता. DSL range और data को transport करने के लिये, router का इस्तेमाल करता है. plan एंड service के हिसाब स्पीड 128kb से लेकर 10mbps रहती है.
  • Wireless – वायरलेस के केटेगरी में wi-fi आता है. नाम से ही पता चलता है. इस की, इस connectivity में कोई भी wire और cable का इस्तेमाल नहीं किया होता. Wi-Fi से कोई भी device कनेक्ट किया जा सकता है. यह range देने के लिए radio frequency तकनीक का इस्तेमाल करते है.
  • Satellite – satellite पृथ्वी के कक्षा में स्थित उपग्रह से internet लेता है.  Signal पृथ्वी से sattellite तक आने के लिए काफी विशाल अंतर है. इसिकारण, यह प्रकार DSL और cable के तुलना में देरी से कनेक्शन प्रदान करती है.
  • Cellular – Cellular टेक्नोलॉजी cell phones के through वायरलेस इंटरनेट provide करती है. Network provider के ऊपर depend करता हे, की स्पीड कितनी होगी. Mostly आज 3G और 4G के users है. 3G यानि 3rd generation और 4G यानि 4rth generation होता है.

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इंटरनेट का मालिक कोण है?

बहोत से लोगो को यह सवाल पड़ता है. की, “इंटरनेट का मालिक कोण है?” और यह सवाल हमें तभी पड़ता है. जब हम अपने sim में internet pack या फिर data pack का रिचार्ज करते है. चाहे हम किसी भी newtwork की सिम use करते है. चाहे वो vodafone हो Jio, Airtel या फिर कोई भी network provider है. रिचार्ज करने के बाद, हमें यह सवाल पड़ता है. की मैंने तो इनको पैसे दे दिए. पैकेज के नुसार मुझे डाटा भी मिल गया. लेकिन, ये कंपनिया इस पैसे का क्या करती होगी किसी देती होगी. क्या आगे कोई बड़ी organization है?

मित्रो इन्टरनेट का मालिक कोण है? यह जानने से पहले इंटरनेट कैसे काम करता है? इसे समझाना होगा. For example, अभी आप jankaribook.com पर यह आर्टिकल अपने घरसे mobile अथवा computer से पढ़ रहे है. लेकिन वास्तव में यह वेबसाइट आप के घर से हजारो किलोमीटर दूर किसी सर्वर में होस्ट की गयी है. उदाहरन के लिए मान लेते है. इसे वेबसाइट का डेटा Newyork के किसी server में होस्ट है. पर फिर भी आपके device और server के बिच connection जुड़ जाता है. जिसकारण आप दुनिया में कही से भी किसी भी साईट aceess कर पाते है.

लेकिन ऐसा विशाल जाल बनाने में काफी लोगो और कंपनी का योगदान है. जैसे India में airtel, jio idea etc. जैसे telecom कंपनिया ने अपना network फैला दिया है. परंतु, हम other countries के साईट को कैसे access कर पाते पाते है. इसके लिए भी बाकीके orginazation है. इन लोगो ने खुदका पैसा लगाकर समुंदर के रास्ते से cabels फैलाई हुयी है. जिससे दो देशो के बिच net connection जुड़ गया. इन सबके बिच भी काफी ISP(Internet Service Providers) है.

मित्रो साफ-साफ शब्द में जवाद दे तो इंटरनेट का मूल रूप से  कोई भी मालिक नहीं है. क्योकि यह सुविधा पुराने के लिए काफी सारे लोग और company का योगदान है. हर कोई user एंड provider नेट का मालिक है. परंतु, इंटरनेट की क्रांति अमेरिका में हुयी थी. उपरसे amazon, google जैसे बड़े-बड़े नाम USA से जुड़े हुए है. जिससे इंटरनेट पर अमेरिका का दब-दबा है. ऐसा कहने गलत नहीं होगा.

Conclusion – तो आज के आर्टिकल में हमने देखा, इंटरनेट क्या है? I hope हमेशा की तरह आपको आजका लेख पसंद आया होगा. अगर सचमुच पसंद आया है. तो अपने मित्रो के साथ facebook और whatsapp पर share करना मत भूलिए.

 

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

2 thoughts on “इंटरनेट क्या है और Definition Of Internet in Hindi”

  1. hello sir moz me aapki site par spam scroe 4/17 hai kya yah reader ke liye sahi hai ya moz galt report dekhata hai.

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