On-Page SEO Kya Hai | Content Ko Optimize Karne Ke Liye 10 Techniques

On-Page SEO Kya Hai | Content Ko Optimize Karne Ke Liye 10 Techniques

आज हम On-page SEO क्या है? इसकी जानकारी लेंगे. Search result में high rank पाने के लिए Content को optimize करना बहूत जरुरी होता है. आपको पता होगा. की, सर्च इंजन में कितना competition हे और रैंक पाना कितना कठिन! क्योंकि, Google में first page पर only 10 web pages list किये जा सकते है और उन्हें rank कराने का एकमात्र तरीका है: On-Page SEO और इसके बिना हमारे पोस्ट को टॉप पर लाना काफी कठिन है.

On page SEO kya hai kaise use kare

क्या आप जानते है? रोजाना हजारो नए ब्लॉग क्रिएट किये जाते है. और बंद भी! इसके पीछे का मुख्य कारण है. की, लोग पैसे का लालच और पैशन के चलते ब्लॉग तो बना लेते है. लेकिन, SEO को ठीक से समझ नहीं पाते. जिसका, नतीजा यह होता हे. की, ना तो ट्रैफिक मिलता हे, और नहीं पैसा मिलता है. दोस्तों! माना की search engine optimization को समझना या फिर सीखना कठिन है. लेकिन, नामुनकिन नहीं. क्योकि, यह कोई Rocket Science नहीं है. सिर्फ एक algorithum है. बस आपको इसके बारे में ठीक से गाइड मिलना चाहिये. इसीलिये, आज के पोस्ट में हम On-Page Optimization techniques सीखने वाले है.

इससे पहले हमने SEO के पोस्ट में सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के बारे में बेसिक जानकारी ली थी. जिसमे मैंने आपको बताया था. की, SEO के दो प्रकार है: (1) On-page & (2) Of-Page अगर आपने अभीतक वह आर्टिकल नहीं पढ़ा. तो कृपया करके, पढ़ लीजिये. क्योंकि, किसी भी चीज को सिखने से पहले बेसिक से शुरुवात करनी पड़ती है.

खेर छोड़िये! तो, आज हम जानेंगे. On-page SEO क्या है? और यह कैसे करते है. इस पोस्ट में आपको सही और पुरा गाइड करूँगा. तो इसे ध्यान से पढिये.

On page SEO kya hai

On-page optimization is nothing but it is a technique to optimize an every single-single webpages of any website. मेरे कहने का मतलब यह है; अपने वेबसाइट के वेबपेज(blog post) को सर्च इंजन के according अनुकूल यानि ऑप्टिमाइज़ करना; इसीको on-page SEO कहते है.

या सीधे शब्द में बताने की कोशिश करू, की एक यूजर फ्रेंडली और SEO friendly post लिखने के तकनीक को ही पेज ऑप्टिमाइजेशन कहते है. और यह कैसे करते है, इसके बारे में निचे बताया गया है. उसे ध्यान से पढ़िए.

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On-page SEO Techniques And Checklist Hindi

1. Keyword Research

क्या आप जानते है? search engine optimization का बेसिक पार्ट शुरू “कीवर्ड रीसर्चिंग” से होता है. क्योंकि, कोही भी आर्टिकल लिखने से पहले इसके बारे में जानना जरुरी होता है. की, में जो आर्टिकल लिखने जा रहा हूँ. उसकी सर्च वैल्यू कैसे है. इसका मतलब यह है. की, क्या उसे कोई  सर्च करता भी है या नहीं? करता है तो कोंसे कीवर्ड से करता है.

तो besically, हम जो आर्टिकल लिखते है. तो लोग उसके रिलेटेड  कोंसी क्वेरी गूगल में डालते है. उसे ही focus keyword कहते है. तो इसीलिये इसे जानना काफी जरुरी होता है. क्योंकि, कही  बार ऐसा होता है. न्यू ब्लॉगर सिर्फ आर्टिकल लिखने पर फोकस करते है. और unfortunatlly उनकी पोस्ट ऐसे क्वेरी पर रैंक होती है. जिसे लोग सर्च ही नहीं करते. और नतीजा यह होता है. की, ब्लॉग पर ट्रैफिक ही नहीं आता.

अगर scientifacally इसके बेनिफिट को समझते है. तो हमारा कंटेंट किस कीवर्ड पर rank करे जिस्से organic traffic हासिल हो. इसके लिये एक अच्छा सा key word find करके, उसीपर कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करना जरुरी है. में यहाँ पर कुछ पॉइंट्स को highlight कर रहा हूँ. जिसमे आपको अपना keyword add करना है.

  • Title Tag
  • Headings
  • Image Alt tag
  • First Paragraph
  • Last Paragaph
  • Meta description
  • Tags

2. Title Tag

दूसरा आपको जिस बात का ध्यान रखना है. वो है title tag. क्योंकि, यह आर्टिकल को लिखने के वक्त की सबसे पहेली स्टेप है. पर आपको जानकर हैरानी होगी. की, इसे लिखने का भी प्रॉपर तरीका है.

ज्यादतर successful blogger का यही मानना है. की, टाइटल हमेश 55-65 characher में होना चाहिये. मतलब ABC यह तीन charcter हुए. तो आपको अपने ब्लॉग पोस्ट का जो टॉपिक है उसके रिलेटेड के अच्छासा शीर्षक 55 alphabets तक देना है. और सबसे जरुरी जिस बात का ध्यान रखना है. वो है यह है की, फोकस कीवर्ड टाइटल के शुरुवात में use होना चाहिये. आप निचे फिरसे एक बार क्विक टिप्स देख सकते है.

  • The title must be in 55-65 character.
  • Focus keyword should appear at the beginning.
  • Don’t use the keyword more than one in the title tag.

3. Permalink

Title की तरह ही blog post का URL भी On-Page SEO में काफी जरुरी है. और बाकि फैक्टर्स की तरह इसे भी बड़ा महत्व दिया है. ब्लॉग पोस्ट का permalink कैसा होना चाहिए. इसके बारे में निचे पॉइंट्स और example को ठीक से समझिये.

example of URL in on page seo

  • जितना यूआरएल short होगा SEO के लिए उतना ही बेटर होगा. और गूगल भी शोर्ट यूआरएल को पसंद करता है.
  • हम जो पोस्ट को टाइटल देते है. CMS आटोमेटिक उसे ही लिंक बना देता है. ऐसे सिचुएशन में आप कस्टम लिंक फीचर का उसे करके, unwanted वर्ड्स को remove करदो. जैसे अगर उसमे कोई नंबर या symbole आ जाता है. तो उसे हटा दीजिये.
  • टाइटल की तरह ही, पर्मालिंक में भी फोकस कीवर्ड का इस्तेमाल at the beagining करे.

4. Begining of an article

अब में आपको बताऊंगा. की, किसी भी लेख की शुरवात कैसे करे? जिस्से हमें रैंकिंग में बेनिफिट मिले. तो दोस्तों! एक बात हमेशा ध्यान रखे की, आपको जो भी टार्गेटेड वर्ड है उसे; फर्स्ट पैराग्राफ में हमेशा पहेले 100 वर्ड्स के अन्दर करना चाहिए. और हो सके तो पहले पैराग्राफ में एक ही बार उस शब्द को उसे करने की कोशिश करे.

5. Headings

अब बारी आती है, हैडिंग की. Headings किसी भी आर्टिकल को user friendly बनाने की कोशिश करती है. और हमारे पोस्ट के टॉपिक को पॉइंट में बताने की कोशिश करते है. जिसे यूजर को लेख पढ़ने और समझने में आसानी होती है. इसी बात को googleboats भी पसंद करते है. इसीलिये हमेशा अपने content में २-३headings जरुर इन्सर्ट कीजिये.

लेकिन, एक बात का आपको हमेशा ध्यान रखना है. जिसके बारे में नए bloggers को पता ही नहीं होता और गलती कर बैठते है. जरसल, होता यह है. की, newbies अपने पोस्ट की शुरुवात main heading(H1) से करते है. जो की एक गलत तरीका है. अब आप सोचेंगे ऐसा क्यों?

तो मित्रो! असल में हम blogging करने के लिये जिस भी प्लेटफार्म का use करते है. चाहे वो ब्लॉगर हो या wordpress या अन्य कोई CMS(Content Management System Tool) इसे बनाया ही ऐसा गया है. की, आप किसी भी पोस्ट को जो टाइटल टैग देंगे. By डिफ़ॉल्ट वो आपकी H1 टैग बन जाएगी. इसीलिये दोबारा H1 लेने की जरुरत नहीं है.

गूगल ने भी इस बात को सांफ बताया है. की, एक आर्टिकल में दो मेन हैडिंग नहीं हो सकती. इसीलिए सीधा H2 से शुरुवात करे. मैंने जो आपको बताया है. अगर आपको इसके बारे में पुष्टि करनी है. तो आप अपने blogpost का source code चेक करके देख सकते है. जो आपने शीर्षक दिया था. वोही एच1 शो करेगा.

अब दूसरी बात, पूरे आर्टिकल में atlist 2 headings ऐसे होने चाहिए. जिसमे फोकस कीवर्ड का उसे होना चाहिए.

  • Start using heading from H2
  • Must use the keyword at least 2 headings

6. Image with an alt tag

आप अगर ब्लॉग्गिंग से रिलेटेड पोस्ट पढ़ते हो. तो आपने कही बार सूना होगा. की, एक इमेज एक हज़ार के शब्द के बराबर होती है. और यह 100% शब्द है. इसीलिए अपने लेख को quality content बनाने के लिए हमेशा टॉपिक के रिलेटेड २-३ इमेज का इस्तेमाल कीजिये. इसका एक और फायदा हे. की, मान लीजिये, अगर आपके website पर other कंट्री से visitors आते है. और उनको आपकी लैंग्वेज समझ नहीं आती. तो भी इमेज सहारे वह पोस्ट में बताये हुये, इंस्ट्रक्शन को easily फॉलो कर पाएंगे.

अब एक चीज जिसका इस्तेमाल नए blogger करते नहीं या फिर उनको इस बारे में पता ही नहीं होता. वह यह है. की, image लगाके आपने कंटेंट तो यूनिक बना लिया. लेकिन फिर भी इसका रैंकिंग पर कोही परिणाम नहीं हुआ. ऐसा क्यों?

इसका कारण यह है. की, आपने फोटोज वैगेरा लगाकर, यूजर की तो हेल्प की! लेकिन फिर भी spiders आपके इमेजेस को समझ नहीं पायेंगे और परिणाम में हमें उसका कोही भी बेनिफिट नहीं मिलेगा. तो हमें क्या करना होगा? तो शायद आप हैरान होंगे. पर content के साथ-साथ हमें image की seo करनी पड़ती है. वो कैसे करते है. मैंने उसके बारे में इस पोस्ट में बताया है.

जरसल हमें, image optimization में बस एक attrbuit देना पड़ता है. उसे “Alt tag” यानि alternate text कहते है. जब हम images को ऑल्ट टैग देंगे. तभी Google spider हमारे इमेज को समझ पाएंगे. परिणामतः इसका बेनिफिट देंगे. Otherwise, अगर आप इसे ignore कर देते है. एंड आपने इमेज का इस्तेमाल किया. तब crawling करते वक्त, सर्च इंजन उस जगह को ब्लेंक समझकर आगे बढेगा. जिसका नतीजा आपको ranking में कोही फायदा नहीं मिलेगा. इसीलिये, ऊपर दी हुई लिंक को क्लिक करे, इमेज ऑप्टिमाइजेशन करना सीखे.

7. Internal linking

मैंने इससे पहले internal linking के फायदे पर पोस्ट लिखी थी. पर फिर भी इस पोस्ट में थोडा बहूत बताने की कोष करता हूँ. अपने कंटेंट के टॉपिक के रिलेटेड उसी लेख में दूसरे पोस्ट की लिंक ऐड करने को इंटरनल लिंकिंग कहते है. और इससे हमारे कंटेंट यूनिक बनता है. जिसकी सर्च इंजन में टॉप पोजीशन होती है.

तो हमेशा, अपने On-page SEO को बेहतर बनाने के लिये, internal linking का इस्तेमाल करो. अगर आपको इसका example देखना है. तो wekipdea की कोंसी भी एक पोस्ट ओपन करके देखिये. वैसे मैंने इसके बारे में डिटेल्स ऊपर दी हुयी पोस्ट के लिंक में बताई है. पर फिर भी आपको shortly इसके फायदे बताने की कोशिश करता हूँ.

  • Content user & seo friendly बन जाता है.
  • Fast crawling and indexing होता है.
  • Old post की रैंक सुधर जाती है.
  • blog की traffic बढ़ जाती है.
  • वेबसाइट का bounce rate कम हो जाता है.

Read- backlinks क्या है? और रैंकिंग पाने के लिए क्यों जरुरी है.

8. Lable(tag)

इस फीचर को ब्लॉगर में lable के रूप दिया हे और वर्डप्रेस में टैग के रूप में दिया गया है. हमारा आर्टिकल का टॉपिक क्या है? इसके रिलेटेड कीवर्ड या यूँ कहे तो Focus Keyword उसे यहाँ ऐड करना है. पर ध्यान रहे. एक टैग के बाद कोमा(,) का use करे. For example:- में इस पोस्ट के लिए कुछ इस प्रकार टैग डालूँगा. On-page SEO और इसके बाद कोमा देके On-Page seo क्या है?

अगर आप फिर भी नहीं समझे. तो youtube में हम जिस प्रकार tags add करते है. ठीक उसी प्रकार यहाँ इस फीचर का उपयोग करना है. जिस्से search engine हमारे कंटेंट का टॉपिक और category समझ सके.

9. Meta description

On-Page otimization का सबसे आखरी पार्ट और सबसे महत्वपूर्ण वो है मेटा डिस्क्रिप्शन. में इसके बारे में मेरे रीडर्स को हमेशा एक example देकर समझाता हूँ. ताकि वो अच्छेसे समझ जाये. तो 3 घंटे में मूवी में क्या है. यह सिर्फ 3 मिनट के ट्रेलर को देखकर समझ आता है. ठीक उसी प्रकार आपके पूरे article में क्या है यह महज छोटीसी मेटा डिस्क्रिप्शन से पता चलता है.

तो आपके पोस्ट में क्या है. किस विषय पर कवर किया है. इसके बारे में 160 करैक्टर में एक यूनिक विवरण लिखिए. और description box में उसे ऐड कीजिये. इससे सर्च रोबोट्स और यूजर दोनों को आपने कंटेंट में क्या है. यह समझने में  आसानी होगी और रैंकिंग भी हाई मिलेगी.

10. Always write unique content

में लास्ट में आपको यही बताऊंगा. की, अपने ब्लॉग पर blogpost की संख्या बढाने के लिए, कैसे भी लेख मत पब्लिश करो. एक दिनमे एक ही ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करिये. लेकिन वह यूनिक होना चाहिए. अपने राइटिंग में हमेशा लोगो को ध्यान में रखते हुए लिखने की कोशिश करे.

क्योंकि, में आपको एक फैक्ट बताऊ. गूगल का एक ही उद्देश हे, की वो अपने customerse को बेस्ट से बेस्ट रिजल्ट शो कराना चाहता है. तो वो हमेशा ऐसा web page ऊपर लायेगा. जिसमे काफी बढ़िया इनफार्मेशन प्रोवाइड की गयी है. मेरा कहने का मतलब ऐसा web page जो user experince को ध्यान में रखकर, लिखा गया हो. इसलिए हमेशा यूनिक कंटेंट लिखने की कोशिश करो.

Conclusion

तो चलिए आज मैंने आपको बता दिया, On-page SEO क्या है. में आशा करता हु. आपको आजकी पोस्ट काफी पसंद आई हो. अगर आपको फिर भी कोही सवाल है. तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते है. और ऐसे ही  blogging और seo के सम्बंधित सीखने के लिये, हमे फॉलो करे. एक और बात हो सके, तो प्लीज इस post को सोशल मीडिया पर शेयर करे.

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

12 thoughts on “On-Page SEO Kya Hai | Content Ko Optimize Karne Ke Liye 10 Techniques

    • sabase pahale to hame ye dekhna padega. Ki log coupons search karte bhi hai ya nahi? Matlab hame sabase pahale keyword researching karni padegi. Agar isame Audience hai. To us hisab se content ko optimize karo.

  1. Bhut achi jaankari di aapne may bhi in sabhi topic par dhyan deta hun lekin sayad abhi naya hun isliye inka asar abhi mere blog par jyada nahi pad rha hai
    iske alava aap apni post ko rank karane le liye kya karte hai please tips de

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