SEO क्या है? | सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और गूगल रैंकिंग के बारे में पूरी जानकारी

SEO क्या है? | सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और गूगल रैंकिंग के बारे में पूरी जानकारी

आपको SEO क्या है? यह पता है. क्योंकि अगर आपको online marketing करनी है. तो इसके बारे में पता ही होना चाहिए. क्योंकि दोस्तों Google ranking देने का काम algorithm के basis(आधार) पर करता है. किसी भी website में organic results अथवा traffic हासिल करने के लिये, Post का search engine में higher position पर होना काफी जरुरी होता है. इसीलिए आज हम search engine optimization के बारे में सीखेंगे.

seo kya hai Hindi
SEO

नये ब्लॉगर अपने ब्लॉग की traffic बढ़ाना चाहते हे. पर वह ये बात भी जानते होंगे. वेबसाइट पर visitors लाने का  SEO marketing एक मात्र तरीका है. इसीलिए सबसे पहले SEO सीखना चाहिये. इसीलिए में आज बिगिनर्स के लिए बताऊंगा. SEO क्या होता है? इसके बारे में guide करूँगा. ज्यादातर search engine optimization की जरूरत ब्लॉगर को रहती हे.

दोस्तों अगर आप SEO expert बनते है. तो आप किस भी नए ब्लॉग को सफल बना सकते है. बदेलेमे लाखो में कमा सकते है. इतना ही नहीं, खुदकी agency खोलकर, other website owner को seo services प्रोवाइड कर सकते है. लेकिन इन सबके लिए सबसे पहले आपको काबिल बनाना पड़ेगा.  

What is SEO in Hindi – 

इस post को पढ़ने के बाद आप निम्मलिखित जानकारी हासिल करेंगे.

1. SERP क्या है?

  • 1.1 Organic Results
  • 1.2 Inorganic Results
  • 1.3 Zero snippets result
  • 1.4 Local SEO result

2. SEO क्या है?

  • 2.1 blog के लिए SEO क्यों जरुरी है?
  • 2.2 SEO और search engine कैसे काम करता है.

3. Types of SEO in Hindi

  • 3.1 On-page SEO
  • 3.2 Off-page SEO
  • 3.3 Technical SEO

1. SERP क्या है?

SERP का full form “Search Engine Result Page” यह होता है. यह concept सबसे पहले इसीलिये बता रहा हूँ. क्योंकि, search engine optimization इसीकेलिए ही किये जाती है. I mean कोई भी web page किसी न किसी search engine के result page में list किये जाते है.

अगर आप नहीं समझे तो एक example देकर समझाता हूँ. मान लीजिये अगर हम की search engine में कोई query अथवा keyword type करके enter करते है. तो जो सामने result show होता है. उसी को ही SERP कहते है.

SERP में भी two types होते है. उन्हें ठीक से समझने से पहले नीचे के image की सहायता ले.

SERP example

1.1 Organic Result – 

ऐसी result जिसे top position पर show कराने के लिए, एक रुपये भी खर्च नहीं किये गए. उसके जगह पर उस webpage को search engine के according optimize किया जाता है. और यही सबसे best तरीका है जिसके जरिये regulary फ्री में traffic लाया जा सकता है.

1.2 Inorganic Result – 

ऐसे result जिसे ऊपर लाने के पैसे दिये होते है. पैसे देकर ad लगाये जाते है. ताकि page को ऊपर लाया जा सके. इन्हें online marketing की भाषा में paid or inorganic result कहा जाता है.

1.3 Zero snippets result –

इस feature को हाल ही में google द्वारा lanuch किया गया. इस feature की मदत से google कुछ गिने चुने content को no.1 के भी ऊपर यानी zero position पर दिखता है. यकीन मानिए zero position की post ad और organic result वाले से भी अच्छा perform करती है. जिस content में query का सही जवाब हो और list, image, bullates का सही इस्तेमाल किया गया हो. वही content zero position हासिल कर पाते है.

1.4 Local SEO Result – 

यह results सिमित जगह के लिये ही होते है. जो अक्सर local व्यापारी के लिए फायदेमंद होता है. यह रिजल्ट तभी show होता है. जब कोई search engine में “keyword near me” या फिर “keyword in mumbai” ऐसे query enter करता है. इस तरह के results को show कराने के user अथवा owner को google local business इस free tool की सहायता लेनी पड़ती है.

2. SEO क्या है?

S.E.O. का लॉन्ग फॉर्म हे सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन. Actually एक ऐसा तरीका हे. जिसका इस्तेमाल करके हम हमारे website को higher ranking दिलवा सकते है. Search engine जैसे: Google, Bing, Yahoo एक algorithm पर काम करते है. उसे ही SEO कहते है. रोज हज़ारो लाखो web pages गूगल को सबमिट किये जाते है. गोर करने की बात तो यह हे same टॉपिक पर एक जैसे काफी वेब पेजेज पब्लिश किये जाते हे. पर अब किसको हाई रैंक देनी चाहिये? इसीलिए search engine optimization का अल्गोरिथम शुरू किया गया.

विभिन्न सर्च इंजन के पास बड़े सुपर कंप्यूटर होते है. जिसे हम गूगलबोट्स, स्पाइडर, रोबोट्स कह सकते हे. इनमे वो अल्गोरिथम स्टोर किया हे. जिसके मदत से वो आसानी से crawling , indexing का वर्क कर पते हे.

Marketers और ब्लॉगर को इसी technique को सीखना पड़ेगा. तभी वो अपने वेबसाइट को सर्च इंजन में हाई रैंक दे पाएंगे. फिलहाल आपको यही समझाना होगा. SEO(सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) ऐसी तकनीक और प्रोसेस हे जिसका इस्तेमाल करके हम किसी भी वेब पेज और ब्लॉग को top position पर ला सकते हे. हमे search engine optimization क्या होता है? और अप्लाई कैसे करे इसकी जानकारी रखनी होगी. फिर आपके blog को top position हासिल करने से कोई नहीं रोख सकता.

2.1 Blog के लिए SEO क्यों जरुरी है?

I hope, आप SEO के बारे में ठीक से समझ गए होंगे. अब main मुद्दा यह हे की blog के लिए SEO करना क्यों जरुरी है. मैंने आपको ऊपर के पॉइंट में बताने की कोशिश की थी. खेर! फिर भी, आप तो जानते होंगे. Internet पर कितना competition हे. अगर आप कोई पोस्ट पब्लिश करते हो. तो इंटरनेट पर  पहले से ही same टॉपिक पर बहोत सारे वेब पेजेज होते हे.

अगर हमे उन सबको पीछे छोड़ना हो. मतलब सर्च रिजल्ट में no.1 की जगह चाहिए. तो SEO को follow करना पड़ेगा. अगर किसी भी blog या वेबसाइट को रैंक करना हो. तो सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन को फॉलो करना पड़ेगा. SEO सुनने में सिर्फ तीन वर्ड है. पर इसे पुरा समझने में बहोत समय लगेगा.

मेरे कहने का मतलब हे. सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में बहोत सारे टर्म्स एंड तकनीक हे. जिसे एक दिन में समझना नामुनकिन. पर डरने की कोई बात नहीं. आगे जाके सब धीरे-धीरे समझ आएगा. शुरवात में सबको कठिन ही लगता है.

2.2  SEO और search engine कैसे काम करता है?

क्या आपने कभी सोचा है? कि हम किसी भी search engine में अपनी query डालते है. तो हमारे query के related search engine कुछ ही सेकंदो में सटीक जवाब पेश करता है. यह कैसे हुआ होगा.

जरसल हर सर्च इंजन के पास एक crawler होता है. अगर कोई व्यक्ति keyword type करके enter करता है. तो यह crawler internet पे पड़े सभी सामग्री को स्कैन करता है. और प्रश्न का उत्तर जिस web page में सटीक होगा. Crawler उस results को index कर देता है. आखिर में यह search engine index किये हुये सामग्री को algorithm की मदत से rank करता है.

3. Types of SEO in Hindi

Basically, search engine optimization के मुख्य दो प्रकार है: on-page optimization और दूसरा off-page optimization. और जब बात advance optimization की आती है . तब उसे technical SEO कहते है.

3.1 On-page SEO 

On-page optimization यानि अपने ब्लॉग के सिंगल पेजेस को ऑप्टिमाइज़ करना. सिंगल पेजेस यानि हमारे ब्लॉग के पोस्ट. एक पोस्ट में जो भी कंटेंट लिखा जायेगा. उसे सर्च इंजन के According ऑप्टिमाइज़ करना. जैसे आर्टिकल में हैडिंग का use करना. सही फोकस कीवर्ड को चयन करके उसे अपने पोस्ट में ठीक से  प्लेस करना. इमेज को ऑल्ट टैग लगाके image को SEO friendly बनाना.

और सबसे जरुरी यही होता है. की जो कीवर्ड सबसे ज्यादा सर्च होता है. उसे सेलेक्ट करना और अपने पोस्ट में टाइटल हैडिंग डिस्क्रिप्शन में उसे करना. जिसके कारण गूगल हमारे आर्टिकल को समझ पायेगा. आर्टिकल में किस पॉइंट को मेंशन किया है. इसके बारे में पता चलेगा. और वो हमे रैंक देगा. अगर आप on-page SEO के बारे सीखना चाहते हो. तो लिंक को फॉलो करे. फिलहाल छोटे छोटे पॉइंट्स में ओन-पेज को समझने की कोशिश करते है.

इसतरह से हमने क्विक on-page SEO checklist देखि ली है . अगर आपको इसके बारे में डिटेल्स में जानना हे. तो ऊपर दिए हुए लिंक्स को फॉलो कर सकते है.

3.2 Off-page SEO

Off page optimization  मे हमें वेबसाइट के बाहर काम करना पड़ेगा. मतलब ओन पेज से हमने सिर्फ पोस्ट को ऑप्टिमाइज़ किया. पर ऑफ़ पेज एस.ई.ओ. से whole वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करना पड़ता हे. सिंपल इस टाइप में आपको अपनी साइट रेपुटेशन का ध्यान रखना पड़ेगा. जिसके लिए सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाना. अपनी वेबसाइट को प्रमोट करना, इसे ही (social media marketing) कह सकते है. दूसरे पॉपुलर ब्लॉग पर कमेंट करना. इससे हमारी रेपुटेशन अच्छी रहती है. एंड सर्च इंजन हमें वैल्यू और हमे रैंक देता हे. ऑफ-पेज ऑप्टिमाइजेशन में सबसे इम्पोर्टेन्ट होता हे बैकलिंक्स. हमारे साइट की लिंक किसी दूसरे साइट पर मौजूद होना. इसे ही backlink होते  है. जिसके पास ज्यादा high quality backlink होंगे. उसे उतनी ही हाई रैंक दी जाएगी.

पर सबसे पहले हमें ओन पेज को अप्लाई करना पड़ेगा. क्योंकि सबसे पहले हम कंटेंट ही लिखते है. अगर कंटेंट ही हाई क्वालिटी का नहीं रहेगा. फिर रैंक क्या खाक मिलेगी? इसीलिए सबसे पहले आप अपने कंटेंट पर फोकस करो. उसे on-page optimization को फॉलो करके लिखो. और फिर आप Off-page SEO के बारे में सिख सकते है.

तो चलिए इसीके साथ हमने off-page optimization को भी देखा. अगर आपको इसके बारे में डिटेल्स में जानना हे, तो ऊपर दियी हुयी लिंक को फॉलो कर सकते है.

3.3 Technical SEO

टेक्निकल एसईओ वो प्रोसेस है. जिसकी सहायता हमारे website को crawling, indexing के लिये optimize करना. या सीधे शब्द में, तकनीकी एसईओ की मदत से हम search engine की मदत करते है. ताकि crawler हमारे website को बिना रूकावट और प्रॉब्लम के crawling, indexing  की प्रक्रिया को कर सके.

You can also read ⇒ Google’s SEO startup guide 

Conclusion

I hope friends, आप SEO क्या है? समझ गए होंगे. अगर आपको फिर भी कोई सवाल हे. तो, निचे कमेंट करके पूछ सकते  है. में आपके सवाल का जवाब जरुर दूंगा.

About Rushikesh Sonawane

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम Rushikesh Sonawane है. और मे jankaribook.com का founder हूँ. और मेने इस ब्लॉग को other blogger की help करने लिये बनाया है. वैसे तो मेरा nature काफी फ्रेंडली है. पर में ब्लॉग्गिंग को लेकर में काफी serious हूँ. blogging सिर्फ मेरी hobby नहीं, बल्कि मेरा जुनून है. And I always live for my passion... और जाने..

38 thoughts on “SEO क्या है? | सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन और गूगल रैंकिंग के बारे में पूरी जानकारी

  1. HELLO SIR AAP KA HAR POST KAMAL KA HOTA HAI AAP KE POST
    READ KARKE HAM NI BOHAT KUCH SEEKA HAI
    THANKS BRO

  2. Hellow Sir
    kya app bta sakte hai ki jo comment kr link hum bna rhe h app ki site pr kya vo link Dofollow hai ya Nofollow …
    Ye hi confusion ho jata h ki Dofollow link bna h ki Nofollow Link bna h.
    Vase app k hindi blog bahut achha h ak ak baat clear ho jati h.

  3. waise to mujhe seo ke baare me pahle se jankari thi but aapke likhne ka aur batane ka tarika mujhe kaafi accha laga isliye maine aapka ye post poora padha. isse mujhe kuch naya sikhne ko mila. thanx

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