26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण – Republic Day Speech In Hindi

तो मित्रों इस 26 जनवरी को 71th गणतंत्र दिवस मना रहे है, इस ख़ास अवसर पर Republic day speech in Hindi(सव्वीस जनवरी भाषण) दिया गया है. 

Republic day speech in Hindi
रिपब्लिक डे स्पीच

गणतंत्र दिवस हमारे देश का एक राष्ट्रिय त्यौहार है. जो हर वर्ष 26 January के दिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इसी मौके पर Republic day speech in Hindi दिया है.

इस दिन को बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. बच्चे तो इस दिन का बहुत ही इंतजार करते है. सभी पाठशाला एवं कॉलेज में गणतंत्र के ऊपर भाषण का समारंभ ज़रुर होता है. इसलिये इस लेख में बड़े ही आसान शब्दों में लेकिन, एक प्रभावशाली speech on republic day in Hindi दिया गया है.

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26 जनवरी भाषण – Republic Day Speech In Hindi

आजके महान पर्व की शोभा बढाने वाले अतिथि गन, ज्ञान की गंगा बढाने वाले अध्यापक एवं अध्यापिका, साथ ही मेरे प्यारे सहपाठियों एवं भारत के उज्वल भविष्य के शिल्पकार आप सबको मेरी तरफ से इस गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

सबसे पहले मुझे इस राष्ट्रीय अवसर पर आयोजकों ने बोलने का मौका दिया. इसलिये उनका मन पूर्वक आभार.

मित्रों हमारे लिए आज बहुत ही विशेष और गरिमा पूर्वक दिन है. क्योंकि, आजके दिन 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को लागू किया था. जिस दिन से भारत को लोकतांत्रिक देश के रूप में घोषित किया गया था. इसिकारण इस दिन को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है. और यहापर आज हम 71 वा गणतंत्र दिवस मना रहे है.

मित्रों स्वतंत्रता और गणतंत्र दोनों ही हमारे देश के राष्ट्रीय पर्व है. जिसे मनाने का उद्देश्य एवं हेतु विभिन्न है. हमारे देश को 15 august 1947 को स्वतंत्रता मिली. इस दिन हम परकीय लोगो के ज़ुल्म से मुक्त है. परंतु 26 जनवरी 1950 को हमारा देश संपूर्ण लोकतांत्रिक बन गया. इस पर्व से सर्वोच्च अधिकार जनता के पक्ष में आ गए.

किसी भी देश को स्वतंत्रता मिली. तो इसका यह मतलब नहीं. की, हम हमारे कर्तव्य को भूल जाए. स्वयं को ही सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति समझे. अपने से छोटे एवं दुर्बल व्यक्ति पर हुक्म चलाये. यदि ऐसा होता है. तो फिर से हमारा देश राज तंत्र में बदल जाता. अमिर लोग गरीब लोगो पर हुक्म चलाने लगते. इसी समस्या को मिटाने के लिये संविधान का निर्माण किया गया. साथ ही उसे लागू किया गया.

संविधान वो पुस्तक है. जिसने सबको समान अधिकार दिये. सबको कायदे के दायरे में रखा. ताकि कोई बड़ा व्यक्ति अपने से छोटे वर्ग के इंसान पर जुल्म ना कर सके.

गणतंत्र का अर्थ होता है. जनता का राज्य. भारत के प्रत्येक नागरिक को अपना नेता चुनने का अधिकार है. अपने भाषा, धर्म और संस्कृति को पूजने का सबको अधिकार है. और यह सब मुमकिन हुआ है. उन हजारों वीर और देशभक्तों के कुर्बानी के कारण. जिन्होंने अपने लहू को बहाकर देश के आज़ादी दी है.

हमें इस विशेष दिन पर डॉ. भीमराव आम्बेडकर के महान कार्य को याद करना चाहिये. क्योंकि, डॉ. भीमराव आम्बेडकर मसूदा समिति के अध्यक्ष थे. साथ ही वे भारतीय संविधान के शिल्पकार है. परंतु, दुर्भाग्यपुरर्वक कहना पड़ रहा है. आज़ादी और संविधान को लागू होने के इतने वर्षो बावजूद भी हमारे देश में कही सारे समस्या मौजूद है.

जैसे की भ्रष्टाचार, जातिवाद, शिक्षा व्यवस्था, भाषा वाद इन सब कारणों से ही हमारे देश का विकास तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा है. में आपसे से बड़ा ही सरल प्रश्न पूछना चाहता हूँ. क्या उन स्वतंत्र सेनायियो ने इस दिन के लिये ही अपने प्राणों क्या बलिदान दिया था? क्या भीमराव आम्बेडकर ने इस दिन के लिये अथक परिश्रम से संविधान बनाया था.

जी बिलकुल नहीं! उन्होंने कुछ और ही सोचा था. क्या हमारा उत्तर दायित्व नहीं बनता. की हम उन महापुरुषों के स्वप्न का भारत साकार करे. हमें अभी कोई युद्ध नहीं लढना और नहीं कोई बलिदान देना है. हमें सिर्फ सच्चे भारतीय होने के नाते, हम सब हमारे देश को उन्नत राष्ट्र बनाने का प्रयास करना है. तो चलिये आज से सौगंध लेते है. की आज से हम सिर्फ और सिर्फ अपने देश के बारे में ही सोचेंगे.

मुझे तन चाहिये, ना धन चाहिये.
बस अमन और खुशियों से भरा वतन चाहिये.
जब तक जिन्दा हूँ, सिर्फ इस मातृभूमि के लिए!
और जब मरू तो तिरंगा कफन चाहिये.

इतना कहकर में मेरे शब्द को पूर्णविराम लगाता हूँ.
जय हिंद! जय गणतंत्र!

also available in Marathi – 26 January speech in Marathi


26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण
गणतंत्र दिवस पर भाषण

26 January speech in Hindi 2020 गणतंत्र दिवस भाषण

भारतभूमि के सभी भारतवासी, आदरणीय मुख्य अतिथि, अध्यापक एवं अध्यापिका और मेरे प्यारे सहपाठियो मेरा आपको सुबह का नमस्कार!

मेरा नाम ____ है और में ____ कक्षा का छात्र हूँ. जैसा की हम सभी बहुत अच्छे से जानते है की आज सारा हिंदुस्तान बड़ी धूमधाम से इस पवित्र गणतंत्र दिवस को मना रहा है.

 ख़ुशियों पर मौज़ की रवानी रहेगी,
जिंदगी में कोई न कोई कहानी रहेगी.
और हम भी कार्यक्रम में चार चाँद लगा देंगे,
अगर आपके तालियों की मेहरबानी रहेगी.

तो चलिये एक बार हाथ खोलकर ज़ोरदार तालियाँ बजा देते है. हमारे इस तिरंगे के सम्मान में.

शुरवात में ही में आपको गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई देता हूँ.

आप इस बात से परिचित होंगे. की हमारे देश के दो राष्ट्रीय त्यौहार है. एक 15 अगस्त और दूसरा 26 जानेवारी यह होता है. हर कोई यह जानता है. की 15 अगस्त को हमें स्वतंत्रता मिली थी. परंतु बहुत से ऐसे लोग है जिनको आखिर हम गणतंत्र दिवस क्यों  मनाते है? यही पता नहीं होता. तो आइए जानते है इसके पीछे की कहानी!!

साथियों 15 अगस्त 1947 को हिंदुस्तान की आज़ादी और बँटवारे के बाद में, हर हिंदुस्तानी देश में आज़ादी की सांस ले रहा था. परंतु देश में उस समय किसी भी तरह का कोई नियम या क़ानून देश के लोगो के लिए नहीं बना था. क़ानून यानी किस व्यक्ति को कितना अधिकार है. और अगर किसी व्यक्ति ने अपने अधिकार की सीमा पार करके, किसी दूसरे व्यक्ति के ऊपर कुछ भी अन्याय किया. तो उस अपराध को सजा देने का काम क़ानून के आधार पर दिया जाता है.

तो इतने बड़े देश के कार्यभार को चलाने एवं लोगो को अनुशासन में रखने के लिये नियम पुस्तिका यानी संविधान बनाने की बहुत जरुरत है. इसलिये तब देश के तक्तालिन राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. श्री राजेंद्र प्रसाद जी के द्वारा संविधान निर्माण के लिये एक मसुदा समिति तैयार की और उस समिति का अध्यक्ष श्री डॉ. भीमराव अंबेडकर को किया गया.

अंबेडकर जी के नेतृत्व में स्थापित समिति के द्वार 2 साल, 11 महीने, 18 दिन में भारत का लिखित संविधान मसौदा तैयार किया गया.यह संविधान, 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित किया गया तथा 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में संविधान को लागू कर दिया गया. 

हमारे देश का यह संविधान पूरे विश्व में सबसे बड़ा लिखित संविधान है. जिसमे पहले 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचिया एवं 22 भाग थे. परंतु समय चलते इसमें बढ़ोतरी की गयी और वर्तमान में बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचिया एवं 25 भाग है.

इस विशाल और महान संविधान जिसने हमें हमारे हक़ और अधिकारों के लिये लड़ने की ताकत दी है. इसकी सम्मान एवं रक्षा हम सभी हिन्दुस्तानीयो का परम कर्तव्य है. 

इस महान संविधान ने देश के सभी धर्मों को बराबर का दर्जा दिया है. साथ ही पिछले वर्ग वाले समुदाय को ख़ास सुविधाये देकर उन्हें अपने हालत को सुधारने का मौक़ा दिया है.

पूरे विश्व में अनेकता में एकता ऐसी हमारी पहचान है. क्योंकि हमारे देश में हर एक प्रांत में अलग संस्कृति, वेषभूषा, एवं भाषा बोलने वाले लोग देखने को मिलते है. लेकिन फिर भी हर कोई एक दुसरे का सम्नाम करके एक भारतीय की तरह रहते है.

इसलिये तो कहा जाता है. 

रंग रूप वेश भाषा चाहे अनेक है. हिंद देश के निवासी सभी जन एक है.

और यह सब मुमकिन हो पाया. क्योंकि इसी दिन हमारा देश का संविधान लागू किया गया था. और इसीलिये हम प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस मनाते है.

इसलिये में आपसे निवेदन करुंगा. की आप सब भी लोकतंत्र की महत्व को पहचाने और अपने देश को एक उन्नत राष्ट्र बनाने के लिये प्रयास करे धन्यवाद.


गणतंत्र दिवस 2020 – Republic Day Speech In Hindi For Students

परम आदरणीय मुख्य अतिथि जी, शिक्षकगण, अभिभावक गन और मेरे प्यारे साथियों गणतंत्र दिवस के इस स्वर्णिम अवसर पर में आप सबका स्वागत करता हूँ. साथ ही आपको गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं भी देता हूँ. और आज इस घड़ी में, मैं आप लोगो के समक्ष देश प्रेम की भावना से दो शब्द रखने जा रहा हूँ. ज़रा ध्यान से सुनियेगा.

सागर जिसके पाँव पखारे
हिमालय जिसका सरताज है.
गूँज रहा दुनिया में डंका भारत का…
ख़ुशियों का दिन आज है.
गणतंत्र दिवस जो मनाना है.

मेरे प्यारे साथियों जैसे की हम सब जानते है. की, अनेक महापुरुषों यानी स्वातंत्र्य सेनानियों के कड़े संघर्षों और बलिदान के बाद हमें आज़ादी मिली. और वो गौरवशाली दिन 15 अगस्त 1947 था. जब वर्षो के गुलामी और अत्याचार से भारतवासी को मुक्ति मिली.  जिस दिन पूरब से सूर्य उदित हुआ. और भारत के लिये एक नया सुबह लेकर आया.

लेकिन अभी हमारी शान सुन-हरी नहीं थी. क्योंकि अभी कई चुनोतिया से निपटना था. भारत स्वतंत्र तो हो गया, परंतु स्वचलित नहीं था यानी खुद के मौलिक सिन्धातो पर देश को चलाने को सक्षम नहीं था.  हमारे पास ना कोई क़ानून था और ना ही कोई व्यवस्था!

इसी समस्या के गंभीरता को समझकर बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व विभिन्न महापुरुषों नें दिन रात एक कर के भारत के लिये लिखित संविधान तैयार किया. संविधान लेखन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिये पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन का अवधि लगा. 

हमारे इस संविधान में दुनिया के विभिन्न आदर्शों को संजोया गया. संपूर्ण जन मानस का कल्याण उनकी उन्नति तथा भारत-वर्ष के संपन्नता की नींव रखी गई. और अंततः 26 जनवरी 1950 कोपुरे देश में  हमारा संविधान लागु किया गया. इसी दिन से हम स्वचलित हुए गणतंत्र हुये. 

गणतंत्र इस शब्द में गन का अर्थ जनता और तंत्र का अर्थ शासन होता है. यानी जनता का शाशन! भले ही नेता लोग प्रतिनिधि के रूप में देश को चलाते होंगे. लेकिन अपना नेता खुद चुनने का सर्वोच्च अधिकार संविधान ने दिया.

इस प्रकार हमारे पूर्वजों के संघर्ष उनके मेहनत व हमारे संविधान की सुसज्जिता और प्रत्यक्षता ने हमें व हमारे भारत को विश्व को का सबसे बड़ा गणतंत्र व लोकतंत्र होने का गौरव प्रदान किया. मित्रों, आपको बताने में मुझे बहुत गर्व होगा की, भारत का संविधान विश्व में सबसे बड़ा संविधान है.

26 जनवरी यह स्वर्णिम दिवस हर वर्ष आकर हम देशभक्तों को देश प्रेम की भावना से सराबोर कराती है. हमें हमारे महापुरुषों और उनके बलिदान को याद दिलाती है. व् हमें हमारे कर्तव्यों को याद दिलाती है और देश के प्रति सर्वस्व अर्पण करने की हमें प्रेरणा देती है.

साथ ही हमें यह दिन इस बात से प्रेरित करता है हम यूं ही विविधता में एकता और अखंडता बनाए रखे जिसके लिये दुनिया भारत को सलाम करती है.

तो आइए अब हम जाती धर्म इन सब मे ना जाकर एक सच्चे भारतीय होकर जिए और हमारे देश को सफलता की बुलादियो पर पहुचने में योगदान दे.

इतना कहकर में अपने भाषण को पूर्ण विराम लगाता हूँ. जय हिंद! जय भारत.


Need more speech

निष्कर्ष

तो चलो इस तरह से आज हमने republic day speech in Hindi देखा. में उम्मीद करता हूँ. आपको यह 26 January speech in Hindi काफी अच्छा लगा होगा. अगर आप इस लेख के सम्भंदित कुछ विचार रखना चाहते है. तो comment के जरिये संपर्क कर सकते है. 

4 thoughts on “26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण – Republic Day Speech In Hindi”

  1. धन्यवाद सर, बहुत अच्छी जानकारी दी आपने. गणतंत्र दिवस हमारे लिए मात्र एक झंडा फहराने का दिन नहीं है. यह हमारे उन लाखों करोड़ों सेनानियों के जीवन के बलिदान का परिणाम है. हमें इस दिन उन सभी हीरोज को सलाम करना चाहिए. सभी भारतवासियों को मेरी तरफ से Happy Republic Day 2019

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